Skip to content
Sunday, 8 November 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
आईएएनएस स्पेशल,फीचर्स,कूटनीति,व्यापार,अंतरराष्ट्रीय

नवंबर के पहले सप्ताह में बहुआयामी कूटनीति संग आगे बढ़ा भारत, सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर रहा जोर

नवंबर के पहले सप्ताह में बहुआयामी कूटनीति संग आगे बढ़ा भारत, सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर रहा जोर

New Delhi, 8 नवंबर . नवंबर का पहला सप्ताह India के लिए संभावनाओं और उम्मीदों से भरा रहा. दुनिया के कई देशों में हमारी कूटनीतिक साझेदारी की चर्चा रही तो दीपावली का उल्लास सात समंदर पार भी दिखा.1 से 7 नवंबर के बीच India की कूटनीतिक गतिविधियों में वियतनाम के साथ रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने, कॉमनवेल्थ देशों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने और नेपाल के साथ द्विपक्षीय संपर्कों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिखाई दिया.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की विभिन्न देशों के नेताओं के साथ हुई मुलाकातों ने India की बहुआयामी कूटनीति को रेखांकित किया.

इस अवधि में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 1 और 2 नवंबर को वियतनाम की आधिकारिक यात्रा की. हनोई में उन्होंने वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री जनरल लुओंग टैम क्वांग के साथ उच्चस्तरीय बातचीत की. दोनों देशों ने सुरक्षा और खुफिया सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई. बातचीत में कानून प्रवर्तन, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे. दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया.

डोभाल ने वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और President तो लाम से भी मुलाकात की. इसके अलावा उन्होंने उपPrime Minister और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग तथा विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग के साथ भी चर्चा की. इन बैठकों में रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ.

India और वियतनाम ने अपने संबंधों को एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक पहुंचाया है. डोभाल की यात्रा इस साझेदारी को जमीन पर आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण रही. दोनों देशों के बीच 2027 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के 55 वर्ष पूरे होंगे. India के लिए वियतनाम दक्षिण-पूर्व एशिया में एक महत्वपूर्ण साझेदार है. इस क्षेत्र में India की एक्ट ईस्ट नीति, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक संपर्क को मजबूत करने में वियतनाम की अहम भूमिका है.

इसी दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका में India के महावाणिज्य दूतों के साथ बैठक कर भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा की. 2 नवंबर को हुई इस चर्चा में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर विचार किया गया.

India की कूटनीतिक सक्रियता का एक महत्वपूर्ण पड़ाव एंटीगुआ और बारबुडा में आयोजित कॉमनवेल्थ शासनाध्यक्षों की बैठक (सीएचओजीएम) 2026 भी रही. जयशंकर ने इस बैठक में India का प्रतिनिधित्व किया. इस दौरान उन्होंने विकासशील देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापारिक संपर्क और आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया.

कॉमनवेल्थ देशों के व्यापारिक नेताओं की बैठक में जयशंकर ने कहा, “सदस्य देशों को अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में जोखिम कम करने और उनमें विविधता लाने की दिशा में काम करना चाहिए.” उन्होंने छोटे और भरोसेमंद व्यापारिक मार्गों, बेहतर संपर्क व्यवस्था तथा स्थानीय वितरण नेटवर्क को मजबूत करने की जरूरत बताई. उनके अनुसार, डिजिटल समाधान, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी सदस्य देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई गति दे सकते हैं.

जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन जैसी पहलों के जरिए जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने की बात भी रखी. उन्होंने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में India के अनुभव का उल्लेख करते हुए स्थानीय स्तर पर ऐसे केंद्र विकसित करने पर जोर दिया, जो आपात स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बना सकें.

कॉमनवेल्थ बैठक के दौरान जयशंकर ने गुयाना के President इरफान अली से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की. इस दौरान गुयाना में सड़क, स्वास्थ्य और रक्षा क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए 500 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट बढ़ाने की घोषणा की गई. दोनों देशों के बीच सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए विनिर्माण परियोजनाओं, त्वरित प्रभाव वाली परियोजनाओं और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के क्षेत्र में भी समझौते हुए. गुयाना में India की यूपीआई जैसी भुगतान प्रणाली विकसित करने में सहयोग पर भी सहमति बनी.

जयशंकर ने ब्रिटेन के Prime Minister एंडी बर्नहम से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के संदर्भ में द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने और बदलते वैश्विक हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के Prime Minister एंथनी अल्बनीज से भी बातचीत की. इसके अलावा एंटीगुआ और बारबुडा के गवर्नर जनरल रॉडनी विलियम्स से मुलाकात तथा वहां बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ संवाद किया.

वहीं, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 4 और 5 नवंबर को नेपाल की यात्रा की. उन्होंने नेपाल के शीर्ष नेतृत्व और अधिकारियों के साथ मुलाकात कर द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा की. दोनों पक्षों ने विकास सहयोग, संपर्क परियोजनाओं और आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई.

India की पड़ोसी प्रथम नीति के लिहाज से नेपाल के साथ नियमित उच्चस्तरीय संवाद महत्वपूर्ण है. दोनों देशों के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं. सीमा पार संपर्क, ऊर्जा, व्यापार और बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं इस साझेदारी के प्रमुख आधार हैं.

India और भूटान के विशेष संबंधों की एक सांस्कृतिक झलक भी बीते सप्ताह का आकर्षण रही. भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 1 नवंबर को 108 बौद्ध स्तूपों की स्थापना और अभिषेक का कार्यक्रम आयोजित किया गया.

भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने इनमें से 76वें स्तूप को Prime Minister Narendra Modi को समर्पित किया. यह सम्मान गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना के लिए पीएम मोदी के समर्थन और भारत-भूटान संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के प्रति सम्मान के तौर पर दिया गया.

India की ओर से Union Minister किरेन रिजिजू ने इस समारोह में हिस्सा लिया. उन्होंने Prime Minister मोदी की ओर से भूटान के राजा के प्रति आभार व्यक्त किया.

दूसरी ओर दीपावली की धूम भी विदेशों में अलग-अलग समय में देखने को मिली. India की सांस्कृतिक कूटनीति का प्रभाव दुनिया के कई देशों में दिखाई दिया. अमेरिका के पांच राज्यों के गवर्नरों ने आधिकारिक स्थानों पर दिवाली समारोह आयोजित कर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को सम्मान दिया.

जापान में भारतीय दूतावास के आयोजन में जापानी मंत्रियों और सांसदों ने हिस्सा लिया. वहीं यूरोप के कई राजनयिकों ने भी दिवाली की शुभकामनाएं दीं और भारतीय परंपराओं की सराहना की.

न्यूयॉर्क राज्य और कनाडा के टोरंटो शहर ने 8 नवंबर को आधिकारिक तौर पर दिवाली दिवस घोषित किया. टोरंटो ने नवंबर को हिंदू विरासत माह के रूप में भी मान्यता दी.

यह घटनाक्रम India की सॉफ्ट पावर, प्रवासी भारतीयों के प्रभाव और सांस्कृतिक जुड़ाव के बढ़ते महत्व को दर्शाता है. कुल मिलाकर नवंबर के पहले सप्ताह की कूटनीतिक गतिविधियों में India ने सुरक्षा सहयोग से लेकर आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय संपर्क तक कई मोर्चों पर अपनी भागीदारी बढ़ाई.

–

केआर/

Share