Skip to content
Sunday, 8 November 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
राष्ट्रीय

राम मंदिर को लेकर राम कदम का सोनिया गांधी और अखिलेश पर हमला, कहा-चुनाव नजदीक आते ही हिंदुओं से मांगते हैं वोट

राम मंदिर को लेकर राम कदम का सोनिया गांधी और अखिलेश पर हमला, कहा चुनाव नजदीक आते ही हिंदुओं से मांगते हैं वोट

राम मंदिर को लेकर राम कदम का सोनिया गांधी और अखिलेश पर हमला, कहा-चुनाव नजदीक आते ही हिंदुओं से मांगते हैं वोट

Mumbai , 8 नवंबर . भाजपा विधायक राम कदम ने Prime Minister Narendra Modi की दीपावली शुभकामनाओं, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के योगदान, सोनिया गांधी की आपातकाल और बाबरी मस्जिद संबंधी टिप्पणियों तथा अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी.

दीपावली के अवसर पर राम कदम ने कहा कि दीपावली का दिन कई मायनों में लोगों के लिए हर्ष, उल्लास और स्नेह का दिन होता है. यह सनातन हिंदू धर्म के कई विधि-विधान, पूजा और अनुष्ठानों से जुड़ा है. तुलसी विवाह तक दीपावली का यह पूरा त्योहार चलता है. यह केवल मनोमिलन का त्योहार नहीं है बल्कि विधि-विधान का भी त्योहार है.

Prime Minister Narendra Modi की शुभकामनाओं का उल्लेख करते हुए कदम ने कहा कि Prime Minister हर एक के सुख और दुख में स्वयं शामिल होते हैं. उन्होंने सभी देशवासियों को इसकी शुभकामनाएं दी हैं. विशेष तौर पर आज का दिन वास्तव में दीपावली और नरक चतुर्दशी, दोनों का संगम है. दीपावली वह दिन है, जिस दिन प्रभु राम अयोध्या आए थे और अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था. वहीं, नरक चतुर्दशी वह दिन है, जिस दिन नरकासुर का वध भगवान श्रीकृष्ण ने सत्यभामा के साथ किया था और कई लोगों को वहां से मुक्ति दिलाई थी. आज दोपहर बारह बजे दोनों तिथियों का संगम हो रहा है और यह एक पवित्र दिन है.

उन्होंने कहा, “देश आगे बढ़ रहा है और मोदी जी के नेतृत्व में आज हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं. विश्वास है कि अगली दीपावली तक हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे.”

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कदम ने उनके योगदान को याद किया. उन्होंने कहा, ”लालकृष्ण आडवाणी जी का आज सौवां जन्मदिन है. बहुत कम और भाग्यशाली लोग होते हैं, जो अध्यात्म के अनुसार सौ वर्ष की आयु पूर्ण करते हैं. कहा गया है कि कलियुग में आयु की मर्यादा सौ वर्ष है.”

आडवाणी के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “आडवाणी जी का पूरा व्यक्तित्व और चरित्र मातृभूमि के लिए समर्पित रहा है. उन्होंने कभी स्वयं से अधिक दल को महत्व दिया. जब उन पर आरोप लगे, तब उन्होंने स्पष्ट कहा था कि जब तक मैं आरोपों से बरी नहीं हो जाता, तब तक संसद के भीतर कदम नहीं रखूंगा. इस प्रकार पद को व्यवस्था का रूप मानने वाले, सत्ता को जनता की सेवा मानने वाले और ‘मेरे दल, मेरे पद और मेरे व्यक्तित्व से बड़ा राष्ट्र है’ ऐसा मानने वाले आदरणीय आडवाणी हैं. आज भारतीय जनता पार्टी का जो विस्तार हुआ है और वह विश्व की सबसे बड़ी Political पार्टी बनी है, उसमें करोड़ों कार्यकर्ताओं का योगदान है. हम यह कतई नहीं भूल सकते कि इसके लिए आडवाणी का बहुत बड़ा त्याग और योगदान रहा है.”

सोनिया गांधी की आपातकाल संबंधी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए राम कदम ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ”मैं सोनिया गांधी जी से यह सवाल पूछना चाहता हूं कि क्या खून से रंगे हुए हाथ धो लेने से आप आरोपों से मुक्त हो सकती हैं? जून 1975 में आपने जो आपातकाल थोपा, उसमें एक लाख दस हजार से अधिक विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया. उनका क्या अपराध था? मोरारजी देसाई को नहीं छोड़ा, जयप्रकाश नारायण को नहीं छोड़ा, अटल जी को नहीं छोड़ा, आडवाणी जी को नहीं छोड़ा. किसे छोड़ा आपने? सभी मीडिया संस्थानों पर नियंत्रण कर लिया गया. दूसरे दिन क्या खबर छपेगी, यह Government तय करती थी. Government के खिलाफ खबर छापने की अनुमति नहीं थी. इतना घृणित कृत्य, और आज आपको पचास वर्षों बाद उसका अफसोस हो रहा है. अफसोस और क्षमा याचना के लिए पचास वर्ष लग गए.”

उन्होंने आगे कहा, ”पचास वर्षों बाद आपको अफसोस हो रहा है, लेकिन आज आपका दल क्या कर रहा है? उस समय सत्ता में रहकर आपने आपातकाल थोपा था, आज सत्ता में नहीं हैं तो विपक्ष में रहकर अराजकता फैला रहे हैं. इस प्रकार की बयानबाजी से कांग्रेस का दागदार चेहरा नहीं धुल सकता. वास्तव में यदि आपको क्षमा याचना करनी है तो वर्तमान में जो अराजकता फैलाना, झूठा भ्रम फैलाना और दुष्प्रचार करना आपके दल की प्रवृत्ति बन गई है, उसे बंद कीजिए.”

बाबरी मस्जिद और राम मंदिर को लेकर सोनिया गांधी के कथित बयान पर कदम ने कहा कि पूरी टिप्पणी सुने बिना प्रतिक्रिया देना उचित नहीं होगा, हालांकि उन्होंने कांग्रेस पर राम मंदिर का विरोध करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, ”सोनिया गांधी को बाबरी ढांचे के गिरने का दुख था या अयोध्या में भगवान राम मंदिर बनने का दुख था, यह पहले स्पष्ट करना चाहिए. जहां तक उनके बयान का प्रश्न है, पूरा बयान सुने बिना टिप्पणी करना उचित नहीं होगा. कर्मों और अतीत के आधार पर ही बयानबाजी होती है. कांग्रेस हमेशा अयोध्या में राम मंदिर की विरोधी रही है. भगवान राम काल्पनिक हैं, ऐसा कहने वाले कांग्रेस के ही नेता थे. जब अयोध्या में 500 वर्षों के संघर्ष के बाद राम मंदिर पर फैसला आने वाला था, तब कई वकीलों को सर्वोच्च न्यायालय में खड़ा किया गया ताकि फैसला हिंदुओं के विरोध में जाए. बाद में जब चुनाव नजदीक आते हैं तो जनेऊ पहनकर हिंदुओं के सामने वोट मांगने पहुंच जाते हैं. यह कांग्रेस का दोहरा चरित्र है. इसलिए कांग्रेस का हिंदू विरोधी चेहरा कभी छिप नहीं पाया. उनका जो रुदन था, वह शायद इस बात का था कि अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन गया. यह उनकी आत्मकथा नहीं बल्कि आत्मव्यथा है.”

अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए राम कदम ने Samajwadi Party के अतीत का हवाला दिया और उनके दौरे के समय पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा, ”इतिहास के पन्ने पलटकर देखें तो अखिलेश यादव को स्मरण होगा कि उनकी Government ने किस प्रकार उन लोगों पर गोलियां चलवाईं जो प्रभु राम का नाम जप रहे थे. वे निहत्थे थे, ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष कर रहे थे. उन कारसेवकों और राम भक्तों पर गोलियां चलाई गईं. केवल उन्हें ही नहीं, साधु-संतों और महंतों को भी नहीं छोड़ा गया. इतना ही नहीं, आरोप लगाया जाता है कि बाद में शवों को छुपाने के लिए उन्हें रेत से बांधकर सरयू नदी में फेंका गया, ताकि वे ऊपर न आ सकें. इतना घिनौना कृत्य कोई शत्रु भी नहीं कर सकता. जिस पार्टी का ऐसा इतिहास और अतीत हो, उसे मंदिर में प्रवेश की बात छोड़िए, अयोध्या की धरती पर कदम रखने का नैतिक अधिकार भी नहीं है. चुनाव नजदीक आते ही वही लोग कटोरा लेकर हिंदुओं के द्वार पर वोट मांगने पहुंचते हैं और चुनाव समाप्त होते ही फिर हिंदू विरोधी राजनीति करने लगते हैं.”

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने Political अतीत पर जवाब देना चाहिए. राम कदम ने कहा, ”अखिलेश यादव को अपना इतिहास और अतीत याद करना होगा. केवल क्षमा याचना से काम नहीं चलेगा. यदि उन्हें वास्तव में हिंदुओं से माफी मांगनी है तो उन्हें पहले यह जवाब देना होगा कि इतने वर्षों बाद अचानक अयोध्या की याद उन्हें क्यों आई?”

–

एएमटी/पीएम

Share