
New Delhi, 23 सितंबर . दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप के बाद लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन (एलएसआर) द्वारा क्लास ऑनलाइन करने के फैसले पर कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने Wednesday को प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह कदम राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक ‘बड़ा संदेश’ देता है.
दत्त ने कहा, “जब एलएसआर कॉलेज महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए क्लास ऑनलाइन करता है, तो इससे साफ संदेश जाता है कि दिल्ली में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं.”
यह बात तब कही गई जब लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन ने पास के एक पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित रेप के बाद Tuesday को रेगुलर क्लास रद्द कर दीं और Wednesday के लिए उन्हें ऑनलाइन मोड में कर दिया. कॉलेज प्रशासन ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
से बात करते हुए दत्त ने कहा, “देश के लिए एक बड़ा संदेश है. एलएसआर कॉलेज दुनिया के टॉप कॉलेजों में से एक है और इसके पूर्व छात्र पूरे देश में फैले हुए हैं. जब एसएसआर कॉलेज महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए क्लास ऑनलाइन करता है, तो इससे साफ संदेश जाता है कि दिल्ली में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “दुख की बात है कि नाबालिग लड़की के साथ रेप करने वालों ने Police अधिकारी होने का नाटक किया. जिस तरह जंतर-मंतर पर कई प्राइवेट लोगों को Police की लाठियां लिए देखा गया, उससे पता चलता है कि अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो गया है. दिल्ली Police के ज्यादातर अधिकारी वीआईपी की सुरक्षा में तैनात रहते हैं, जबकि आम लोगों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है.”
दत्त ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक खास ‘पिंक फोर्स’ बनाने के उपGovernor (एलजी) के निर्देश पर भी प्रतिक्रिया दी और दिल्ली में महिला कर्मियों की मौजूदा तैनाती और Policeिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा, “एलजी Political बयान देते हैं. सबसे पहले, एलजी को हमें बताना चाहिए कि दिल्ली Police में कितनी महिला कर्मी हैं. दिल्ली में कितने मेट्रो स्टेशन हैं और क्या वहां पर्याप्त Policeिंग है? दिल्ली Police में लगभग 12,000 सुरक्षा कर्मियों की कमी है. एलजी के आवास पर कम से कम 50 Police कर्मी तैनात रहते हैं. सिर्फ बयान देने से कुछ हासिल नहीं होगा.”
दत्त ने आगे कहा, “एलजी को तुरंत दिल्ली में सभी सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और भाजपा नेताओं को दी गई सुरक्षा की समीक्षा करनी चाहिए, जिनके साथ दो से 50 तक Police कर्मी तैनात हैं. अगर दिल्ली के गृह मंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, दिल्ली के Chief Minister , विधायक और सांसद सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा की उम्मीद करना दूर की बात है.”
Tuesday को संधू ने Police को गोवा Police की ‘पिंक फोर्स’ की तर्ज पर एक खास फोर्स बनाने का निर्देश दिया, जिसमें महिला कर्मियों को पहचाने गए हॉटस्पॉट पर, खासकर संवेदनशील समय के दौरान तैनात किया जाएगा.
यह कदम दिल्ली में लगभग 10 दिनों के भीतर नाबालिगों के साथ कथित रेप या यौन उत्पीड़न के चार अलग-अलग मामलों की रिपोर्ट के बाद उठाया गया है.
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एससीएच/डीएससी