
जम्मू, 8 अक्टूबर . नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता शेख बशीर ने दिल्ली में एक कश्मीरी युवक और एक व्यक्ति के बीच हुई कथित मारपीट की घटना पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि India को नेपाल या बांग्लादेश जैसी स्थिति की ओर नहीं जाना चाहिए. शेख बशीर ने इस घटना को देश में लोकतांत्रिक अधिकारों और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों से भी जोड़ा.
शेख बशीर ने कहा कि सबसे पहले यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि संबंधित कश्मीरी युवक दिल्ली क्यों गया था और वहां उसने किस मुद्दे को लेकर नारे लगाए. मुझे यह जानकारी नहीं है कि युवक के साथ मारपीट किसने की और घटना में कौन शामिल था, लेकिन ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं. यदि किसी व्यक्ति को अपनी बात रखने या नारे लगाने का अधिकार है तो वह अधिकार बना रहना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि जिस मुद्दे को लेकर विरोध हो रहा था, उससे संबंधित प्रदर्शन जम्मू और कश्मीर में भी हुए, ऐसे में संबंधित युवक दिल्ली में जाकर नारे क्यों लगा रहा था.
बशीर ने Lok Sabha विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं को Police की गाड़ियों में ले जाने का जिक्र करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और जिन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है, उनमें वोट चोरी तथा एसआईआर जैसे विषय शामिल हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय Police का इस्तेमाल किया जा रहा है. शेख बशीर ने Police व्यवस्था में मौजूद कुछ लोगों के आचरण पर भी सवाल उठाते हुए इसे गुंडाराज बताया.
शेख बशीर ने कहा कि संबंधित युवक को नारे लगाने का अधिकार है, लेकिन वह दिल्ली में क्यों गया. यदि उसे अपनी बात रखनी थी तो जम्मू-कश्मीर में भी ऐसा किया जा सकता था. मौजूदा घटनाक्रम का बड़ा सवाल यह है कि देश में लोकतंत्र और नागरिकों को कानून से मिले अधिकार कायम रहेंगे या नहीं. लोगों को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार मिलना चाहिए. दिल्ली में हुई कथित मारपीट की घटना के पीछे सोची-समझी साजिश हो सकती है. उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों को इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने के लिए लाया जा रहा है. उन्होंने इस मामले में आरएसएस और Government पर भी आरोप लगाए.
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पीएसके