जेएनयू कांड पर कांग्रेस सांसद मनोज कुमार बोले-‘आरोप तो लगेंगे ही, न्यायालय तय करेगा कौन है दोषी’

New Delhi, 13 अक्टूबर . कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे यौन शोषण के आरोपों को लेकर सियासत तेज हो गई है. इस मामले में भाजपा की महिला सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल President द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने गया है. इस पर कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि आरोप तो लगेंगे ही क्योंकि हम इनके विरोध में लड़ाई लड़ रहे हैं. हम लोग तो महिलाओं का सम्मान करते हैं.

दिल्ली में से बात करते हुए कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा, “भाजपा की महिला सांसद धरना दे रही हैं. सब ने देखा, कल क्या-क्या हुआ, हमारे ऑफिस के आगे जाकर ये लोग क्या-क्या कर रहे हैं, हमारे लोगों को कैसे मार रहे हैं. तो वो भी एक शर्मसार करने वाली घटना है, दुर्भाग्यपूर्ण है. अरे, वो न्यायालय में जाएंगे तो न्यायालय तय करेगा कि वो दोषी है, नहीं है, क्या है, क्या होगा, कैसे होगा.”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए हैं. इसलिए सिर्फ आरोप के आधार पर कांग्रेस के कार्यालय के बाहर जाकर कार्यकर्ताओं से मारपीट करना कहां तक सही है.

वहीं, बंगाल में दुर्गा पूजा के बीच हिंदू दुकानों से बिरयानी खरीदने के पोस्टर लगाए जाने के मामले पर भी मनोज कुमार ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “यह देश केवल हिंदुओं का नहीं है. यह देश हिंदुओं, मुस्लिमों, क्रिश्चियन, सिख और जैन समुदाय के लोगों का भी है. यह सभी लोगों का देश है. यह 140 करोड़ लोगों का देश है. इस प्रकार से यह टैग लगाना कि केवल हिंदुओं की दुकानों से ही बिरयानी खरीदें, तो मतलब सब समझ सकते हैं कि आप कहना क्या चाह रहे हैं.”

उधर, रांची में जेएमएम नेता मनोज पांडे ने भी बंगाल के मुद्दे पर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “इनसे और उम्मीद क्या की जा सकती है? ये विकास की बातें थोड़े ही करेंगे, ना प्रगति की बात करेंगे, ना जीवन स्तर कैसे उठे बंगाल के लोगों का उस पर बात करेंगे. ये अंग्रेजों के अनुयायी हैं. अंग्रेजों के लिए इन लोगों ने काम किया इस देश में. अंग्रेजों से इन लोगों को सीख मिली कि डिवाइड एंड रूल.”

उन्होंने कहा, “ये धर्म की अफीम चटाकर अपना मतलब, अपना उल्लू सीधा करते हैं. ये भड़काते हैं एक धर्म विशेष के प्रति और उसी के बल पर वोट लेने का प्रयास करते हैं. विकास से कोई मतलब नहीं, बस फर्जी जीडीपी दे दो. भुखमरी रहे, महंगाई रहे, विकास जाए चूल्हे मेंलेकिन इन्हें बस इसी तरह आपस में एक वैमनस्यता फैलाना है.”

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पीआईएम/पीएम

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