जेएनयू कांड पर कांग्रेस की चुप्पी पर एनडीए नेताओं ने उठाए सवाल, बोले-महिला सुरक्षा की बात करने वाले क्यों हैं चुप

Patna, 15 अक्टूबर . जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे कांग्रेस सांसद और विश्वविद्यालय के बर्खास्त प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को दिल्ली Police ने Thursday को पूछताछ के लिए तलब किया है. Police की इस कार्रवाई के बाद बिहार में सियासत तेज हो गई है. भाजपा और जदयू ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है.
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मौन पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी के दोहरे मापदंड सामने आ रहे हैं. एक तरफ वे देश भर में महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा की बात करते हैं, तो दूसरी तरफ अपनी ही पार्टी के उस सांसद के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं, जिस पर 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.”
सरावगी ने दिल्ली Police की कार्रवाई को कानून का राज बताया. उन्होंने कहा, “11 छात्राओं की शिकायत के बाद दिल्ली Police द्वारा कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को समन भेजना कानून की निष्पक्षता और पारदर्शिता का सबूत है. कानून अपना काम कर रहा है लेकिन कांग्रेस पार्टी का इस मामले पर चुप रहना दुर्भाग्यपूर्ण है.”
वहीं, बिहार Government के मंत्री राम कृपाल यादव ने इसे कांग्रेस की मानसिकता से जोड़ते हुए निशाना साधा. उन्होंने कहा, “यह घटना कांग्रेस पार्टी की सोच को दर्शाती है. ऐसा पहली बार नहीं है जब इस प्रोफेसर पर इस तरह के दुर्व्यवहार के आरोप लगे हों. आरोप है कि उन्होंने कई लड़कियों और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार किया. हो सकता है कि लोग पहले से उनके आचरण के बारे में जानते रहे हों लेकिन कांग्रेस पार्टी ऐसे लोगों को बचाने का काम करती है.” उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसे लोग पूरे समाज को शर्मसार करते हैं. कांग्रेस को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी.”
जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कांग्रेस की चुप्पी पर हैरानी जताई. उन्होंने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि यह एक परेशान करने वाली और वीभत्स घटना है. एक गुरु का अपनी शिष्याओं के प्रति ऐसा व्यवहार शर्मिंदगी पैदा करने वाला है और कोई भी सभ्य समाज ऐसी घटनाओं को स्वीकार नहीं कर सकता.”
राजीव रंजन ने कहा, “कांग्रेस को इस पूरे प्रकरण में खुद हस्तक्षेप करके कार्रवाई करनी चाहिए थी, क्योंकि आरोपी प्रोफेसर उनकी ही पार्टी के सांसद हैं. अब तक कांग्रेस की चुप्पी हैरान करने वाली है. राहुल गांधी बड़े-बड़े नारे देते हैं, महिला सुरक्षा को लेकर केंद्र Government को कोसने से गुरेज नहीं करते लेकिन जब उनके नाक के नीचे उनकी ही पार्टी के सांसद पर ऐसी घटना का आरोप लगा है, तो उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है.”
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