जन्माष्टमी पर मुग्धा वीरा गोडसे ने बताया आध्यात्मिक यात्रा का राज, बोलीं- ‘अध्यात्म और ग्लैमर साथ-साथ चल सकते हैं’

Mumbai , 4 सितंबर . ‘फैशन’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से पहचान बनाने वाली Actress मुग्धा वीरा गोडसे ने जन्माष्टमी के खास मौके पर भगवान कृष्ण के साथ गहरे जुड़ाव और आध्यात्मिक यात्रा को लेकर बात की.

उन्होंने बताया कि वह अपने आध्यात्मिक गुरु के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से भगवान कृष्ण की लीलाओं को समझने की कोशिश कर रही हैं. इस राह पर लगातार कुछ नया सीखने को मिल रहा है.

को दिए खास बयान में मुग्धा ने अध्यात्म को लेकर विचार साझा किए. उन्होंने कहा, ”मेरे लिए अध्यात्म का मतलब उस परम शक्ति से जुड़ना है जो हमारे भीतर रहती है. जो कुछ भी हमारे पास है, उसी के साथ प्रेम करना है. मैं अपने आध्यात्मिक गुरु के मार्गदर्शन और कृपा से भगवान कृष्ण के बारे में बहुत कुछ सीख रही हूं. छोटी-छोटी कोशिशों के जरिए भी इंसान अपने आसपास ईश्वर की मौजूदगी को महसूस कर सकता है. यही समझ धीरे-धीरे व्यक्ति को जिंदगी के उद्देश्य को जानने में मदद करती है.”

मुग्धा ने कहा, ”जिंदगी में ग्लैमर और अध्यात्म को एक-दूसरे से अलग देखने की जरूरत नहीं है. दोनों साथ-साथ चल सकते हैं. मैं कृष्ण भजन गाती हूं. मेरा यह प्रयास ‘कृष्ण वंदना: 108 नाम और भगवान कृष्ण के गुण’ नाम की पहल का हिस्सा है. इसे मैं भगवान कृष्ण का दिव्य आशीर्वाद मानती हूं.”

जन्माष्टमी को लेकर मुग्धा ने कहा, ”यह मेरे लिए बेहद खास दिन है. मैं इसका बेसब्री से इंतजार करती हूं, क्योंकि मुझे अपने भगवान के लिए भक्ति गीत गाने का मौका मिलता है. जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं और सोचती हूं कि आज मैं जिस मुकाम पर हूं, वहां कैसे पहुंचीं, तो मुझे अपने आध्यात्मिक गुरु का आशीर्वाद और भगवान कृष्ण की कृपा सबसे बड़ी वजह नजर आती है.”

उन्होंने आगे कहा, ”मैं सभी को कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देती हूं और इस दिन को दिव्य और मंगलमय होने की कामना करती हूं.”

जन्माष्टमी का त्योहार भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान कृष्ण के जन्म के उत्सव के रूप में मनाया जाता है. हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष धार्मिक महत्व है. भगवान कृष्ण से जुड़ी कथाओं और उनके जीवन प्रसंगों का उल्लेख महाभारत, भागवत पुराण और गीता गोविंद जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है.

पीके/एबीएम

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