बलूचिस्तान में डॉ. आयशा फैज की गिरफ्तारी पर बीवाईसी का हंगामा, पाक‍िस्‍तान पर शांतिपूर्ण आवाजों को दबाने का आरोप

क्वेटा, 6 सितंबर . एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने रिटायर्ड Police सर्जन डॉ. आयशा फैज की गिरफ्तारी की निंदा की है और इसे Pakistan के बलूचिस्तान में बिना घोषित मार्शल लॉ को और सख्ती से लागू करने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया है.

social media प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर जारी एक बयान में बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में सामूहिक सजा और बलूच लोगों के खिलाफ अत्याचार का सिलसिला लगातार जारी है और इसकी तीव्रता बढ़ती जा रही है. संगठन का कहना है कि जो लोग इन कथित अत्याचारों और मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें निशाना बनाया जाता है.

बीवाईसी ने कहा, “मस्तुंग में बागों को काटा जाना सामूहिक सजा की नीति का हिस्सा है और इन घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने पर डॉ. आयशा फैज की गिरफ्तारी बलूचिस्तान में बिना घोषित मार्शल लॉ को और आगे बढ़ाने का उदाहरण है. बलूचिस्तान में सामूहिक सजा और बलूच लोगों के खिलाफ कार्रवाई का यह सिलसिला लगातार और अधिक तीव्र होता जा रहा है.”

संगठन ने कहा, “मीडिया के जरिए मस्तुंग के बाग मालिकों को दी गई सार्वजनिक चेतावनियां और उनके वर्षों की मेहनत से तैयार किए गए बागों को नष्ट करने की धमकियां यह साफ दिखाती हैं कि बलूचिस्तान में राज्य दमन और सामूहिक सजा की नीति को पहले से कहीं ज्यादा कठोर रूप से लागू किया जा रहा है.”

बीवाईसी का कहना है कि डॉ. आयशा फैज की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि Pakistan में बलूचिस्तान से जुड़े Political और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलना लगभग प्रतिबंधित है. संगठन ने सामूहिक सजा, बागों को नष्ट किए जाने, लोगों को डराने-धमकाने और शांतिपूर्ण आवाजों को बल प्रयोग से दबाने की नीतियों का विरोध किया.

बीवाईसी ने ‘एक्‍स’ पर पोस्ट किया कहा, “जब भी कोई नागरिक इन कथित अत्याचारों और मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे राज्य शक्ति का इस्तेमाल करके निशाना बनाया जाता है और सिर्फ सच बोलने की वजह से चुप कराने की कोशिश की जाती है. इसी तरह, वरिष्ठ नागरिक और सेवानिवृत्त Police सर्जन डॉ. आयशा फैज की काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) की ओर से गिरफ्तारी भी इस बात का एक और उदाहरण है कि बलूचिस्तान के Political और सामाजिक मुद्दों पर बोलना सख्ती से रोका जा रहा है.”

बीवाईसी ने कहा, “हम साफ करना चाहते हैं कि बलूचिस्तान में राज्य के अत्याचार और दमन के खिलाफ हरसंभव तरीके से विरोध जारी रहेगा.”

यह बयान ऐसे समय आया है जब स्थानीय मीडिया ने Police सूत्रों के हवाले से बताया कि डॉ. आयशा फैज को काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) ने गिरफ्तार किया है. उनके खिलाफ Pakistan के आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है.

‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, Police ने बताया क‍ि क्वेटा में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह मामला दर्ज किया गया, जहां डॉ. फैज ने बलूचिस्तान के Chief Minister मीर सरफराज बुगती और प्रांतीय गृह मंत्री की आलोचना की थी.

कुछ दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए डॉ. फैज ने बलूचिस्तान की Political स्थिति, उसके ऐतिहासिक संदर्भ और हाल की घटनाओं पर चर्चा की थी. उन्होंने बलूच स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका का भी जिक्र किया था. साथ ही मस्तुंग में सेब के बागों को बुलडोजर से नष्‍ट करने और भविष्य में किसी हिंसक घटना की स्थिति में लोगों को वहां से हटाने संबंधी सरफराज बुगती की हालिया टिप्पणियों की आलोचना की थी.

एवाई/वीसी

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