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Sunday, 18 October 2026
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जन्मदिन विशेष: अनिल कुंबले को भारतीय टीम की कप्तानी देर से मिलने का था मलाल, गांगुली की नेतृत्व क्षमता से हुए थे प्रभावित

जन्मदिन विशेष: अनिल कुंबले को भारतीय टीम की कप्तानी देर से मिलने का था मलाल, गांगुली की नेतृत्व क्षमता से हुए थे प्रभावित

New Delhi, 16 अक्टूबर . भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले को 2007 में भारतीय टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई थी. उस समय कुंबले की उम्र 37 साल थी. कप्तान बनने के एक साल बाद (2008) कुंबले ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. कुंबले को अपने करियर में कप्तानी देर से मिलने का मलाल था और इसका जिक्र भी उन्होंने किया था.

17 अक्टूबर 1970 को Bengaluru में जन्मे अनिल कुंबले का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास के सफलतम और सबसे बड़े मैच विनर के रूप में लिया जाता है. कुंबले 56 साल के हो रहे हैं. अपने करियर में कुंबले को एक क्रिकेटर के तौर पर मिलने वाली हर सफलता और उपलब्धि मिली. भारतीय टीम की कप्तानी भी मिली, लेकिन कप्तानी देर से मिलने का उन्हें मलाल था.

अनिल कुंबले ने 2008 में अपने संन्यास के बाद दिए एक इंटरव्यू में उस समय का जिक्र किया था, जब सीनियर होते हुए भी उनकी जगह सौरव गांगुली को कप्तानी दी गई थी. कुंबले को खुद को नजरअंदाज किए जाने से निराशा हुई थी.

अपने इंटरव्यू में कुंबले ने कहा था, “उस समय मैं थोड़ा निराश था, क्योंकि मैं गांगुली का सीनियर था. लेकिन, ऐसी चीजों पर आपका कोई नियंत्रण नहीं होता. वैसे भी, वह साल मेरे लिए अच्छा नहीं था क्योंकि बॉलिंग शोल्डर में चोट लगने की वजह से मैं गेम से बाहर हो गया था. मैं एक साल के लिए बाहर था. सौरव ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया. उसने दिखाया कि उसमें दम है.”

बाद में कुंबले ने बतौर कप्तान गांगुली की नेतृत्व क्षमता की तारीफ की थी. कुंबले गांगुली की कप्तानी वाली भारतीय टीम के गेंदबाजी आक्रमण का मुख्य चेहरा रहे.

वक्त का पहिया घूमता है और हर व्यक्ति को उसके कर्म का फल निश्चित रूप से मिलता है. अनिल कुंबले का भी कप्तान बनने का सपना 37 साल की उम्र में पूरा हुआ और एक साल तक वह टीम इंडिया के कप्तान रहे. कुंबले ने 14 टेस्ट मैचों में India की कप्तानी की. टीम इंडिया को 3 जीत मिलीं, जबकि 5 मैचों में हार का सामना करना पड़ा. 6 मैच ड्रॉ रहे थे.

दाएं हाथ के लेग स्पिनर रहे कुंबले वनडे और टेस्ट में India के सबसे सफल गेंदबाज हैं. 1990 से 2008 के बीच 132 टेस्ट में 619 और 271 वनडे में उन्होंने 337 विकेट लिए. कुल 953 विकेट उनके नाम हैं. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कुंबले मुरलीधरन, शेन वॉर्न और जेम्स एंडरसन के बाद चौथे सबसे सफल गेंदबाज हैं.

कुंबले भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच भी रह चुके हैं. फिलहाल, क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों, कमेंट्री, कोचिंग आदि में व्यस्त रहते हैं. उन्हें अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है.

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पीएके

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