
गोंडा, 4 अक्टूबर . चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर चल रहे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने विपक्ष पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार देश की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, जबकि उसे यह बताना चाहिए कि चुनाव में गड़बड़ी कहां और कैसे हो रही है.
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एजेंसी से बात करते हुए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले इस संबंध में कोई स्पष्ट प्रक्रिया नहीं थी. करीब 2023 में मामला Supreme Court पहुंचा, जहां अदालत ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए. इसके बाद संसद ने कानून बनाकर नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित की.
उन्होंने कहा कि मौजूदा कानून के तहत चयन समिति में Prime Minister, विपक्ष के नेता और Prime Minister द्वारा नामित एक व्यक्ति शामिल होते हैं. इस कानून को Supreme Court में चुनौती दी गई है, लेकिन अब तक इसे निरस्त नहीं किया गया है.
उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला और एमएस गिल की नियुक्ति किस प्रक्रिया के तहत हुई थी.
ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर विपक्ष के आरोपों को लेकर भी बृजभूषण शरण सिंह ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ईवीएम से पहले भी देश में चुनाव होते थे और उस समय चुनाव प्रक्रिया को लेकर इसी तरह के सवाल नहीं उठाए जाते थे. 2014 के बाद भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है और इसी वजह से विपक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि 2014 तक सब ठीक था, लेकिन उसके बाद देश और राज्यों के चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन लगातार मजबूत होता गया. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के Political गढ़ एक-एक करके ढह रहे हैं और अब उसके पास छिपने की कोई जगह नहीं है.
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की विपक्ष की मांग पर पूर्व सांसद ने कहा कि वे पुरानी व्यवस्था में लौटना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बैलेट का मतलब लूट है. साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष को कई बार यह साबित करने का मौका मिला कि चुनाव में लूट या गड़बड़ी कैसे हो रही है, लेकिन वह अब तक इसे साबित नहीं कर पाया है.
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया में कहीं कोई कमी या समस्या है, तो उसे दूर करने के लिए सुझाव दिए जाने चाहिए और व्यवस्था को बेहतर बनाने पर चर्चा होनी चाहिए.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीते दिन एक बयान में देश के सभी चुनावों को ‘अवैध’ करार देते हुए Lok Sabha और सभी राज्य विधानसभाओं को भंग कर बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराने की मांग की है.
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एसएके/वीसी