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Saturday, 7 November 2026
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‘घटना के 8 साल बाद एक किताब बेचने के लिए ऐसी कोशिश गलत’, डैरेन लेहमैन ने ख्वाजा के आरोपों का दिया जवाब

‘घटना के 8 साल बाद एक किताब बेचने के लिए ऐसी कोशिश गलत’, डैरेन लेहमैन ने ख्वाजा के आरोपों का दिया जवाब

New Delhi, 7 नवंबर . ऑस्ट्रेलिया के पूर्व हेड कोच डैरेन लेहमैन ने पूर्व सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा के इस दावे को चुनौती दी है कि केप टाउन में 2018 के बॉल-टैम्परिंग प्लान के बारे में पूरे ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम को पता था. उन्होंने दावा किया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में दशकों से गेंद की हालत बदलना आम बात रही है.

ख्वाजा ने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड से बातचीत में कहा था कि केप टाउन में 2018 के बॉल-टैम्परिंग प्लान के बारे में हम सभी को पता था.

डैरेन लेहमैन ने ख्वाजा की किताब ‘सब्र’ के रिलीज से पहले एबीसी स्पोर्ट के समर ग्रैंडस्टैंड से बात करते हुए कहा कि सैंडपेपर प्लॉट के बारे में जानकारी सीमित थी. वह केवल उसी की चर्चा कर सकते हैं, जो उन्हें निजी तौर पर पता है.

लैहमैन केपटाउन टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम के इंचार्ज थे, ने इस बात को गलत बताया कि टूरिंग टीम के हर सदस्य को इस योजना के बारे में पता था. उन्होंने माना कि बॉल टैम्परिंग क्रिकेट में एक पुराना मुद्दा रहा है.

उन्होंने इस प्रैक्टिस के बारे में आम जानकारी और कैमरन बैनक्रॉफ्ट द्वारा इस्तेमाल किए गए खास तरीके के बारे में जानने में फर्क बताया.

लेहमैन ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हर किसी को सैंडपेपर के इस्तेमाल के बारे में पता होता. आपको पता है कि बॉल टैम्परिंग हो रही है क्योंकि यह 150 सालों से हो रही है. बस यह है कि यह कैसे किया जा रहा है, और आपको उस हद तक कैसे पता चलेगा? सच कहूं तो यह हर किसी का मामला है. मैं सिर्फ वही बता सकता हूं जो मुझे पता है, और मुझे पता है कि बॉल टैम्परिंग क्रिकेट के खेल का एक बड़ा हिस्सा था. अब यह पुराना हो चुका है. इससे भी यह सही नहीं हो जाता, लेकिन ऐसा ही है, और हमने इसकी भारी कीमत चुकाई है.”

मार्च 2018 में केपटाउन में हुए मामले ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े विवादों में से एक को जन्म दिया, जब बैनक्रॉफ्ट को गेंद को खुरदुरा करने के लिए सैंडपेपर का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था. जांच के बाद बैनक्रॉफ्ट, उस समय के कप्तान स्टीव स्मिथ और उप-कप्तान डेविड वार्नर को लंबे समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया, जबकि लेहमैन ने बाद में अपने कोचिंग पद से इस्तीफा दे दिया.

ख्वाजा ने यह भी दावा किया है कि बैनक्रॉफ्ट के सामने आने के बाद उन्होंने सामूहिक जिम्मेदारी लेने का प्रस्ताव रखा था. हालांकि, लैहमैन ने कहा कि वह इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि ऐसी कोई बातचीत हुई थी या नहीं. उन्होंने बताया कि टीम अलग-अलग ड्रेसिंग रूम में बंटी हुई थी और वह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से जुड़ी मीटिंग में व्यस्त थे.

लैहमैन ने कहा, “मुझे यह याद नहीं है. जाहिर है, दो चेंज रूम थे, और हर जगह मीटिंग चल रही थीं. सच कहूं तो मैं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ बहुत सारी मीटिंग में था. ऐसा हो सकता है, मुझे नहीं पता. मैं इस पर हां या ना नहीं कह रहा हूं. इस पूरे मामले पर हर जगह अलग-अलग नजरिए होंगे.”

पूर्व कोच ने सैंडपेपर प्लान की शुरुआत से जुड़े एक और आरोप से भी खुद को दूर कर लिया. उन्होंने कहा कि उन्हें बैनक्रॉफ्ट और ऑस्ट्रेलिया के कोचिंग स्टाफ के एक सदस्य के बीच कथित बातचीत के बारे में कोई जानकारी नहीं है, जिसे ख्वाजा ने अहम बताया था.

इस बीच, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपनी शुरुआती जांच से निकले नतीजों पर अपना भरोसा दोहराया. स्कैंडल को लेकर फिर से शुरू हुई चर्चा पर जवाब देते हुए, एक प्रवक्ता ने कहा कि गवर्निंग बॉडी किसी भी और जरूरी जानकारी पर विचार करने के लिए तैयार है.

प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “2018 के केप टाउन टेस्ट के बाद से आठ वर्षों में बहुत सारे अंदाजे लगाए गए हैं, जिसमें पिछले महीने साउथ अफ्रीका में हुई सीरीज के दौरान मीडिया में बहुत ज्यादा कवरेज भी शामिल है. इस दौरान कोई भी जरूरी जानकारी पेश करने का लगातार मौका मिला है, और यह अभी भी वैसा ही है. सीए को अब तक दी गई सभी जरूरी जानकारी पर ठीक से विचार किया गया है और हम अपनी ईमानदारी प्रक्रिया के नतीजों से खुश हैं.”

केपटाउन में जो हुआ, उस पर नई बहस के अलावा, लेहमैन ने इस विवाद से खुद पर पड़े असर के बारे में भी बात की. उन्होंने स्कैंडल के बाद के समय को खास तौर पर मुश्किल बताया और कहा कि नए आरोपों ने उन यादों को वापस ला दिया है जिन्हें वह वर्षों से पीछे छोड़ने की कोशिश कर रहे थे.

लैहमैन ने कहा, “वे दो सप्ताह बेहद मुश्किल थे. मैं कुछ समय के लिए बहुत बुरी हालत में था, जहां चार महीने तक मैं अपने घर से बाहर नहीं निकला. घटना के आठ साल बाद और एक किताब बेचने की कोशिश करना थोड़ा अलग है. यह उस्मान की पसंद है और वह इसी तरह आगे बढ़ना चाहता है. परिवारों और इसमें शामिल लोगों के लिए, मुझे अभी उनके लिए दुख हो रहा है क्योंकि यह उन्हें एक बहुत बुरी जगह पर वापस ले जा रहा है. आठ साल हो गए हैं. मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गया हूं.”

लेहमैन ने यह भी बताया कि ख्वाजा ने आरोपों को पब्लिक करने से पहले उनसे संपर्क नहीं किया था. यह विषय उनलोगों के लिए भावनात्मक हैं जिनका नाम इस मामले में आया था.

उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह मानसिक स्तर पर छूने वाला मामला है. मुझे पता है कि लड़के भी ऐसा ही महसूस कर रहे होंगे. क्या वह उस समय ऐसा कह सकते थे? मुझे लगता है कि यह किताब में लिखी बातों में से एक है. मेरा मतलब है कि किताबें बेचने के लिए होती हैं. उन्होंने जाहिर तौर पर पैट कमिंस और खिलाड़ियों से बात की है. मैंने उस्मान से बात नहीं की है. उन्होंने मुझे टेक्स्ट या फोन नहीं किया है. बस ऐसा ही है.”

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पीएके

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