गुजरात के औद्योगिक क्षेत्र में सफर होगा आसान, चांदखेड़ा रोड पर नई ट्रेन के ठहराव को मिली मंजूरी

Ahmedabad, 28 अक्टूबर . Gujarat के चांदखेड़ा रोड रेलवे स्टेशन पर साबरमती-काटोसन रोड मेमू ट्रेन के लिए एक नया स्टॉप बनाया गया है. Wednesday से शुरू होने वाली इस सेवा से रोजाना सफर करने वालों, औद्योगिक श्रमिकों और बेचराजी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है.
वेस्टर्न रेलवे के Ahmedabad डिवीजन ने 28 अक्टूबर से ट्रेनों 69249 और 69250 के लिए एक नया स्टॉप (हॉल्ट) शुरू किया है.
Ahmedabad के मेयर हितेश बारोट, डिप्टी मेयर अंजू शाह और डिवीजनल रेलवे मैनेजर वेद प्रकाश ने अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में चांदखेड़ा रोड स्टेशन पर काटोसन रोड-साबरमती मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इस सुविधा का उद्घाटन किया.
इस नए स्टॉप से चांदखेड़ा और आसपास के इलाकों के यात्रियों को साबरमती, कलोल, कडी, काटोसन रोड और बेचराजी तक आने-जाने में काफी आसानी होगी.
इससे काम पर जाने वाले लोगों, छात्रों, औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों और बेचराजी में माता के मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को फायदा मिलने की उम्मीद है.
काटोसन रोड से साबरमती जाने वाली ट्रेन 69250, सुबह 9:40 बजे चांदखेड़ा रोड पहुंचेगी और 9:41 बजे वहां से रवाना होगी. वहीं, साबरमती से काटोसन रोड जाने वाली ट्रेन 69249, शाम 5:27 बजे पहुंचेगी और 5:28 बजे वहां से निकल जाएगी.
वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए वेद प्रकाश ने कहा कि यह स्टॉप Ahmedabad में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की कोशिशों का हिस्सा है, जिसमें साबरमती, चांदखेड़ा, कलोल, कडी और बेचराजी जैसे इलाके शामिल हैं.
उन्होंने औद्योगिक केंद्रों, खासकर मारुति इंडस्ट्रियल एरिया वाले बेचराजी औद्योगिक बेल्ट, में जाने वाले कर्मचारियों के लिए रेल सेवाओं के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “बेहतर कनेक्टिविटी से बेचराजी में माता के मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी मदद मिलेगी.”
डिवीजनल रेलवे मैनेजर ने कहा कि चांदखेड़ा रोड स्टेशन में एक महत्वपूर्ण रेलवे हब बनने की क्षमता है. उन्होंने बताया, “स्टेशन को अपग्रेड करने और इसकी सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि इसे Ahmedabad के शहरी परिवहन नेटवर्क से और बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके.”
राज्य Government के शहरी विकास विभाग, Gujarat मेट्रो और भारतीय रेलवे ने मिलकर एक सर्वे किया है. इसमें भविष्य के परिवहन बुनियादी ढांचे की योजना बनाने के लिए आबादी के पैटर्न और शहरी विस्तार की संभावनाओं का आकलन किया गया है. इसका उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों, रोजगार केंद्रों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच संपर्क को बेहतर बनाना है, साथ ही सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करना और भीड़भाड़ को घटाना है.
वेद प्रकाश ने वटवा में एक प्रस्तावित मेगा कोचिंग डिपो की योजना के बारे में भी बताया, जिसमें लगभग 100 लाइनें होने की उम्मीद है.
इस सुविधा का मकसद Ahmedabad रेल कॉम्प्लेक्स से चलने वाली ट्रेनों के रखरखाव और परिचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करना है, क्योंकि यात्री परिवहन की मांग बढ़ रही है.
रेलवे में निवेश पर उन्होंने कहा, “रेलवे विकास के लिए Gujarat का वार्षिक बजट आवंटन 2014 से पहले के 589 करोड़ रुपए से बढ़कर 17,366 करोड़ रुपए हो गया है, जो लगभग 30 गुना की वृद्धि है.”
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के 88 रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत India स्टेशन योजना’ के तहत फिर से विकसित किया जा रहा है, ताकि यात्रियों के लिए सुविधाएं बेहतर हों, स्टेशन परिसर का आधुनिकीकरण हो सके और आसपास के शहरी क्षेत्रों के साथ संपर्क मजबूत हो सके.
उन्होंने कहा, “रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं – जिनमें सर्कुलर रेलवे नेटवर्क, नई लाइनें, स्टेशनों का पुनर्विकास और आधुनिक कोचिंग सुविधाएं शामिल हैं – की योजना अगले 50 से 100 वर्षों की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है.”
चांदखेड़ा रोड पर नया हॉल्ट स्थानीय रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बनाया जा रहा है, क्योंकि Ahmedabad और इसके आसपास के औद्योगिक व आवासीय क्षेत्रों का विस्तार हो रहा है.
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एससीएच/डीकेपी


