सीबीआई की कार्रवाई, 15 लाख की रिश्वत लेते हुए आयकर निरीक्षक गिरफ्तार

Mumbai , 28 अक्टूबर . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 लाख की रिश्वत लेते हुए आयकर निरीक्षक को गिरफ्तार किया है.
दरअसल, सीबीआई ने Mumbai के सिंधिया हाउस स्थित आयकर कार्यालय के ‘जांच विंग’ में तैनात एक आयकर निरीक्षक को रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया है.
सीबीआई ने यह कार्रवाई Mumbai के एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की. मिली शिकायत के आधार पर Tuesday को उक्त आयकर निरीक्षक और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. आरोप है कि आरोपी आयकर निरीक्षक ने शिकायतकर्ता से 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी.
यह रिश्वत आयकर विभाग की ‘बेनामी निषेध इकाई’ के पास लंबित, शिकायतकर्ता की ‘बेनामी संपत्ति’ से जुड़े मामले को बंद कराने के एवज में मांगी गई थी. बातचीत के बाद, आरोपी 15 लाख रुपए की रिश्वत लेने के लिए सहमत हो गया.
इसे लेकर सीबीआई ने Tuesday को एक जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से 15 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. आरोपी के ठिकानों पर तलाशी ली गई, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और 11 लाख रुपए नकद बरामद हुए.
गिरफ्तार आरोपी को Wednesday को Mumbai की संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 30 अक्टूबर तक यानी दो दिनों के लिए Police हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं, सीबीआई की ओर से मामले से संबंधित आगे की जांच और कार्रवाई जारी है.
रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई की ओर से की गई कार्रवाई का एक दूसरा मामला Wednesday को New Delhi से सामने आया, जहां Ahmedabad की एक सीबीआई अदालत ने रिश्वत मामले में सतधारी लाल साहू को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 20,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया.
सतधारी लाल साहू उस समय Rajasthan के jaipur स्थित झालाना डूंगरी में ‘नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया’ के रिकॉर्ड सेंटर में आर्काइविस्ट (अभिलेखापाल) के पद पर तैनात थे. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 26 दिसंबर 2012 को एक मामला दर्ज किया. यह मामला तब दर्ज हुआ, जब एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि साहू ने Governmentी रिकॉर्ड की प्रतियां देने के बदले में उनसे अवैध रूप से पैसे की मांग की थी.
सीबीआई के अनुसार, साहू ने राजकोट के सर्वे से जुड़े पुराने सीआरओ रिकॉर्ड और ब्रिटिश काल के जमीनी रिकॉर्ड वाली एक फाइल की प्रतियां देने के लिए 15,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी. इसके बाद, एजेंसी ने एक जाल बिछाया और साहू को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. उसे 26 दिसंबर 2012 को गिरफ्तार कर लिया गया.
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डीके/डीकेपी


