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Thursday, 29 October 2026
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पंजाब में नशे के खिलाफ महिलाओं को संगठित करने का आह्वान, हरसिमरत कौर बादल ने सरकार पर साधा निशाना

पंजाब में नशे के खिलाफ महिलाओं को संगठित करने का आह्वान, हरसिमरत कौर बादल ने Government पर साधा निशाना

चंडीगढ़, 28 अक्टूबर . शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) की वरिष्ठ नेता और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर राज्य Government पर निशाना साधा. उन्होंने महिलाओं से नशा तस्करी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ने और गांवों व मोहल्लों में पारंपरिक ‘ठिकरी पहरा’ (सामुदायिक निगरानी) शुरू करने की अपील की.

खरड़ में आयोजित ‘मावां-धीआं दी फौज’ रैली को संबोधित करते हुए हरसिमरत बादल ने कहा कि पंजाब की माताओं और बेटियों के लिए नशे के खिलाफ लड़ाई बेहद व्यक्तिगत और भावनात्मक मुद्दा है. उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न इलाकों में महिलाओं ने उनसे मिलकर नशे के कारण बर्बाद हो रहे परिवारों और युवाओं को बचाने की गुहार लगाई है.

हरसिमरत बादल ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे पंजाब में झोटा और हाल ही में दिवंगत हुए दलजीत सिंह की मौत पर शोक का माहौल है, लेकिन आम आदमी पार्टी Government का कोई भी नेता शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने या उनके साथ एकजुटता दिखाने के लिए सामने नहीं आया.

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और Government इस पर अंकुश लगाने में विफल रही है. इसी वजह से शिरोमणि अकाली दल ने ‘मावां-धीआं दी फौज’ अभियान शुरू किया है, जिसके माध्यम से महिलाएं स्वयं नशे के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करेंगी.

हरसिमरत बादल ने महिलाओं से अपील की कि वे नशा बेचने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों की पहचान करें तथा प्रशासन को जानकारी दें. उन्होंने कहा कि सामुदायिक सतर्कता और सामूहिक कार्रवाई के जरिए नशा तस्करों को बेनकाब किया जा सकता है.

उन्होंने महिलाओं से डरने या चुप रहने के बजाय जवाबदेही तय कराने के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पंजाब की अगली पीढ़ी को बचाने के लिए समाज को एकजुट होना होगा.

अकाली दल की नेता ने कहा कि यदि वर्ष 2027 में उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो नशा माफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) गठित की जाएगी, जिसकी कमान एक महिला Police महानिदेशक (डीजीपी) के हाथों में होगी.

उन्होंने यह भी वादा किया कि नशा तस्करों के खिलाफ और कड़े कानून बनाए जाएंगे. प्रस्तावित नीति के तहत तस्करों को 10 वर्षों तक जमानत नहीं मिलेगी और उनकी संपत्तियां जब्त कर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने में इस्तेमाल किया जाएगा.

हरसिमरत बादल ने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को डराने-धमकाने की घटनाएं बढ़ रही हैं. उन्होंने दलजीत सिंह के मामले का जिक्र करते हुए दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के लिए शव ले जाए जाने के दौरान Police ने हस्तक्षेप किया और परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया.

उन्होंने नशा विरोधी अभियान से जुड़े परिवारों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि Government न तो नशा तस्करी रोक पाने में सफल रही है और न ही शिकायतकर्ताओं तथा व्हिसलब्लोअर्स की सुरक्षा सुनिश्चित कर पा रही है.

हरसिमरत बादल ने Chief Minister भगवंत मान पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने नशे से जुड़े मामलों में प्रभावित परिवारों से मिलने और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेने में अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई.

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एएमटी/डीकेपी

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