
New Delhi, 27 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में थाईलैंड के ‘गणेश भक्त’ पंथौन थीरखानोन की प्रशंसा की. पीएम मोदी ने पंथौन थीरखानोन की गणेश भक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से थाइलैंड के श्रद्धालुओं के बीच भी अष्टविनायक यात्रा लोकप्रिय हो चुकी है.
Prime Minister मोदी ने Sunday को अपने संबोधन में कहा, “हम सबने इस महीने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ गणेश उत्सव मनाया है. देशभर में पूरे भक्तिभाव से गणपति बाप्पा का स्वागत किया गया. यह पावन अवसर पूरे वातावरण को उमंग और उल्लास से भर देता है.”
पीएम मोदी ने कहा कि विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश ज्ञान, बुद्धि और शुभ कार्यों के आरंभ के प्रतीक हैं. उनके प्रति अगाध श्रद्धा सिर्फ India में ही नहीं है. थाइलैंड के पंथौन थीरखानोन का नाम लेते हुए उन्होंने कहा, “पंथौन थीरखानोन वैसे तो थाइलैंड के हैं. थाइलैंड में भगवान श्री गणेश की पूजा ‘फ्रा फिकानेत’ के रूप में की जाती है. जब वे 19 वर्ष (पंथौन थीरखानोन) के थे, तब उनके पिता ने उन्हें भगवान श्री गणेश की एक फोटो भेंट की थी. यहीं से अद्भुत भक्ति जागृत हुई.”
उन्होंने बताया, “वे (पंथौन थीरखानोन) भगवान श्री गणेश से जुड़ी परंपराओं के अध्ययन में चार दशक से भी अधिक समय बिता चुके हैं. उन्होंने India और नेपाल सहित एशिया के कई देशों की यात्रा की है. Maharashtra से उनका विशेष लगाव रहा है. अष्टविनायक परंपरा के बारे में जानने के बाद वे कई बार यहां आ चुके हैं. उनके प्रयासों से थाइलैंड के श्रद्धालुओं के बीच भी अष्टविनायक यात्रा लोकप्रिय हो चुकी है. वर्ष 2002 में उन्होंने उत्तरी ‘थाइलैंड के चियांग माई में गणेश हिमाल म्यूजियम की स्थापना की. आज इसमें 10 हजार से अधिक गणेश प्रतिमाएं हैं.”
‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने बताया कि म्यूजियम में उन भक्तों के लिए अष्टविनायक की प्रतिमाएं भी मौजूद हैं, जो India नहीं आ सकते. यहां हर Sunday सुबह करीब 10 बजे गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है. गणपति से जुड़े विशेष अवसरों पर भी अनुष्ठान होते हैं. यह बताता है कि India की आस्था, कला और सांस्कृतिक परम्पराएं दूसरे देशों में भी कैसे लोकप्रिय हो रही हैं.
साथ ही, Prime Minister मोदी ने देशवासियों के लिए कामना की कि गणपति बप्पा का आशीर्वाद सभी पर हमेशा बना रहे.
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डीसीएच/