कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के पहले संस्करण की मेजबानी करेगा अहमदाबाद, 23 अक्टूबर से होगा टूर्नामेंट का आगाज

Ahmedabad, 21 अक्टूबर . Ahmedabad, 23 से 31 अक्टूबर तक चलने वाली पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा. वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होने वाले इस टूर्नामेंट में 13 देशों के 400 से अधिक खिलाड़ी पुरुष और महिला श्रेणियों में हिस्सा लेंगे.
इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन (आईकेएफ) की मंजूरी से एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (एकेएफआई) द्वारा आयोजित इस 9 दिवसीय टूर्नामेंट में 23 टीमें और 62 मैच होंगे. इनमें पुरुषों की प्रतियोगिता में 39 और महिलाओं की प्रतियोगिता में 23 मैच खेले जाएंगे. इस चैंपियनशिप के जरिए दोनों श्रेणियों में पहले कॉमनवेल्थ चैंपियन चुने जाएंगे.
Wednesday को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस टूर्नामेंट की औपचारिक घोषणा की गई. इस दौरान आयोजकों ने भारतीय टीमों के कप्तान और उप-कप्तान के नामों की घोषणा की. साथ ही आधिकारिक जर्सी, एंथम, लोगो और मैस्कॉट का भी अनावरण किया. भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी सुरजीत सिंह करेंगे, जबकि नवीन कुमार को उप-कप्तान बनाया गया है. महिला टीम की कमान निधि शर्मा संभालेंगी और रितु उप कप्तान होंगी.
चैंपियनशिप में भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, नाइजीरिया, केन्या, तंजानिया, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया, युगांडा, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और ऑस्ट्रेलिया हिस्सा लेगा. दोनों श्रेणियों के सेमीफाइनल 30 अक्टूबर को होंगे, जबकि फाइनल मुकाबले 31 अक्टूबर को खेले जाएंगे. इस पहले संस्करण से कबड्डी की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने और कॉमनवेल्थ गेम्स में इसके शामिल होने की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए एक मंच मिलने की उम्मीद है. चूंकि 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी Ahmedabad को करनी है, इसलिए यह चैंपियनशिप शहर को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के आयोजन की अपनी क्षमता दिखाने का एक अच्छा मौका भी देगी.
एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव जितेंद्र प्राण सिंह ठाकुर ने कहा, “Ahmedabad में पहली कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप की मेजबानी करना भारतीय कबड्डी के लिए गर्व की बात है. हम इसमें हिस्सा लेने वाली टीमों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस खेल के जज्बे, कौशल और प्रतिस्पर्धा को दिखाने के लिए तैयार हैं.”
इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन के महासचिव तेजस्वी गहलोत ने कहा कि यह प्रतियोगिता इस खेल की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने में मदद करेगी. गहलोत ने कहा, “पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप, कबड्डी की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है. कॉमनवेल्थ देशों की राष्ट्रीय टीमों को एक साथ लाने से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक नया मंच मिलेगा और दुनियाभर के और अधिक लोगों तक इस खेल की पहचान पहुंचेगी.”
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एसएम/वीसी


