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Wednesday, 28 October 2026
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कानून और संस्कार, दोनों मजबूत होंगे तभी रुकेंगे गंभीर अपराध: दिलीप घोष

कानून और संस्कार, दोनों मजबूत होंगे तभी रुकेंगे गंभीर अपराध: दिलीप घोष

कोलकाता, 27 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और गाइघाटा दुष्कर्म मामले के आरोपी के एनकाउंटर को लेकर मंत्री दिलीप घोष ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है, ताकि अपराध करने वालों में कानून का डर रहे. उन्होंने यह भी कहा कि समाज में अच्छे संस्कार और सकारात्मक माहौल विकसित करना आवश्यक है, जिससे इस तरह के गंभीर अपराधों को रोका जा सके.

गाइघाटा दुष्कर्म मामले के आरोपी के एनकाउंटर पर टिप्पणी करते हुए पश्चिम बंगाल Government के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें अपराधी भागने की कोशिश कर रहे थे और उनका एनकाउंटर हुआ था. इस मामले में भी ऐसी ही घटना हुई है.

उन्होंने कहा, “कानून से ऊपर कोई भी नहीं है. अगर कोई कानून तोड़ता है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे.” दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में लंबे समय से कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं रही है. जब राज्य में कानून का प्रभावी तरीके से पालन होगा, तो लोग सतर्क रहेंगे और अपराध करने से पहले उसके परिणामों के बारे में सोचेंगे.

मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि केवल कानून के जरिए ही ऐसे अपराधों को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है बल्कि समाज में विचारों, संस्कारों और जागरूकता को बढ़ावा देना भी जरूरी है.

उन्होंने बेहतर सामाजिक वातावरण बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इन दोनों पहलुओं पर काम करने से गंभीर अपराधों को रोकने में मदद मिल सकती है. कानून का प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करना दोनों ही अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण हैं.

कोलकाता में भाजपा में दूसरे दलों के नेताओं के शामिल होने के सवाल पर दिलीप घोष ने कहा कि राजनीति में भावनाओं में बहकर कोई फैसला नहीं लेना चाहिए. राजनीति में भावनाओं के बजाय विचारधारा और सिद्धांतों को महत्व दिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता कांग्रेस से भाजपा में आ सकता है, तो वह विपक्ष से भी पार्टी में शामिल हो सकता है. भाजपा में शामिल होने के इच्छुक लोगों की छवि और विचारधारा का आकलन करना जरूरी है. पार्टी यह देखती है कि संबंधित व्यक्ति के विचार भाजपा की विचारधारा से मेल खाते हैं या नहीं.

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एसएके/पीएम

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