कांग्रेस का फडणवीस सरकार पर हमला, बोले-5000 रुपये में बच्चे के कपड़े भी नहीं आते, किसान क्या करेंगे?

अमरावती, 15 अक्टूबर . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के सूखाग्रस्त किसानों के लिए दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अंतरिम आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. कांग्रेस सांसद बलवंत वानखड़े ने राज्य Government के इस कदम को नाकाफी बताते हुए कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि किसानों के साथ यह मदद नहीं बल्कि उनके संघर्ष का मजाक है.
से बातचीत में बलवंत वानखड़े ने कहा, “Maharashtra Government ने किसानों के लिए जो 5,000 रुपये की मदद घोषित की है, वह किसानों के साथ मजाक करने जैसा है. आज के समय में 5,000 रुपये में एक बच्चे के कपड़े भी नहीं आते. किसानों ने अपनी सारी जमा-पूंजी खेती में लगा दी है और अब जब फसल बर्बाद हो गई है, तो Government उन्हें सिर्फ 5,000 रुपये दे रही है. यह निश्चित तौर पर मजाक वाली बात है.”
वहीं, जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध प्रदर्शन स्थल के तौर पर हटाने को लेकर भी वानखड़े ने केंद्र Government पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह Government की मनमानी है.
वानखड़े ने कहा, “जंतर-मंतर का एक ऐतिहासिक महत्व है. देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में यह बड़े-बड़े आंदोलन को लेकर चर्चित है. जंतर-मंतर की पहचान को खत्म करने के लिए Government यह कदम उठा रही है. हम कांग्रेस की ओर से इसकी कड़ी निंदा करते हैं. विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक हक है और Government लगातार इस हक पर रोक लगाने की कोशिश कर रही है. हम ऐसा कोई भी निर्णय नहीं लेने देंगे और इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे.”
इसके अलावा, अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता को Police द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना पर भी उन्होंने Government को आड़े हाथों लिया.
उन्होंने कहा, “अंकिता भंडारी के माता-पिता इंडिया गेट पर न्याय के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन Police ने उन्हें हिरासत में ले लिया और बाद में छोड़ दिया गया. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. हम शुरू से कह रहे हैं कि यह Government तानाशाही तरीके से काम कर रही है. जो भी आवाज उठाता है, उस पर दबाव बनाया जाता है. न्याय मांग रहे माता-पिता के साथ इस तरह का व्यवहार करना तानाशाही को दर्शाता है.”
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पीआईएम/पीएम


