
Bengaluru, 15 सितंबर . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने Tuesday को घोषणा की कि राज्य Government अगले वर्ष से इंजीनियर दिवस को आधिकारिक रूप से मनाएगी, ताकि राज्य और देश के विकास में इंजीनियरों के योगदान को मान्यता दी जा सके.
शिवकुमार ने यह घोषणा India रत्न एम. विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर Bengaluru के केआर सर्कल स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद की. विश्वेश्वरैया की जयंती को India में इंजीनियर दिवस के रूप में मनाया जाता है.
मीडिया से बात करते हुए Chief Minister ने कहा कि राज्य Government की ओर से इंजीनियर दिवस को आधिकारिक रूप से मनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था और उन्होंने इस प्रस्ताव को अपनी सहमति दे दी है.
उन्होंने आगे कहा कि हमारे राज्य में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. India में इंजीनियरों की संख्या सबसे अधिक है, और उनके योगदान को मान्यता देना हमारा दायित्व है. इंजीनियरों को राज्य के कोने-कोने में विकास की जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए. समारोह के विवरण और रूपरेखा पर अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी और निर्णय लिया जाएगा.
Chief Minister शिवकुमार ने कहा कि इंजीनियर विकास की नींव हैं और वैज्ञानिक खोजों को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि इंजीनियर देश की संपत्ति हैं. वैज्ञानिक शोध करते हैं, जबकि इंजीनियर उन खोजों को लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं. इंजीनियर ही सभी विकास की नींव रखते हैं.
उन्होंने कहा कि इंजीनियरों को परंपरागत रूप से वास्तुकला और अवसंरचना में उनके योगदान के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन प्रौद्योगिकी में प्रगति के साथ उनकी भूमिका काफी बढ़ गई है.
शिवकुमार ने कहा कि आज, इंजीनियर ऊर्जा, भवन निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. एम. विश्वेश्वरैया देश के लिए एक आदर्श हैं और कर्नाटक के लिए उनका योगदान अमूल्य है.
इससे पहले, Chief Minister ने केआर सर्कल में विश्वेश्वरैया को पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी जयंती के अवसर पर उनकी विरासत को सम्मानित किया.
विश्वेश्वरैया, India के सबसे प्रसिद्ध इंजीनियरों और राजनेताओं में से एक थे, जिन्हें इंजीनियरिंग, सिंचाई और सार्वजनिक अवसंरचना में उनके अग्रणी योगदान के लिए याद किया जाता है.
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एमएस/