
गुवाहाटी, 15 सितंबर . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने आगामी नागांव Lok Sabha उपचुनाव को लेकर Political दांव तेज कर दिया है, उन्होंने कहा है कि निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की जीत राज्य के चुनावी परिदृश्य में एक नाटकीय बदलाव का संकेत दे सकती है और यहां तक कि पार्टी के लिए अगले चुनाव में सभी 126 विधानसभा सीटें जीतने का मार्ग भी प्रशस्त कर सकती है.
सरमा ने कहा कि पिछले एक महीने में भाजपा ने अपने पक्ष में वोटरों की सोच में साफ बदलाव देखा है, लेकिन उन्होंने माना कि कांग्रेस के साथ लंबे समय से जुड़े होने के कारण नागांव सत्ताधारी पार्टी के लिए एक मुश्किल सीट बनी हुई है.
सरमा ने कहा, “अगर भाजपा नागांव उपचुनाव जीतती है, तो अगले विधानसभा चुनाव में हम 126 सीटें जीतेंगे.” उन्होंने 6 अक्टूबर को होने वाले इस मुकाबले के महत्व पर जोर दिया.
हालांकि, Chief Minister ने नागांव को भाजपा का पारंपरिक गढ़ मानने के प्रति आगाह किया. उन्होंने बताया कि यह सीट ऐतिहासिक रूप से कांग्रेस के पक्ष में रही है और कहा कि भाजपा की ओर लोगों का हालिया झुकाव असल चुनावी जीत में बदलना होगा.
सरमा ने कहा, “हमने पिछले एक महीने में देखा है कि लोग बीजेपी की ओर झुक रहे हैं. लेकिन यह बीजेपी की पारंपरिक सीट नहीं है; यह हमेशा से कांग्रेस की सीट रही है.”
नतीजतन, यह उपचुनाव 2029 के अगले आम चुनाव से पहले दोनों बड़ी पार्टियों के लिए एक अहम Political परीक्षा बन गया है.
भाजपा ने पूर्व आईएएस अधिकारी और नागांव के पूर्व डिप्टी कमिश्नर देवाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने बटाद्रोबा की पूर्व विधायक शिबमोनी बोरा को उम्मीदवार बनाया है. यह मुकाबला इसलिए भी अहम है क्योंकि नागांव Lok Sabha सीट कांग्रेस ने 2019 और 2024 के आम चुनावों में जीती थी. यह सीट तब खाली हुई जब प्रद्युत बोरदोलोई ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और बाद में दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने से पहले बीजेपी में शामिल हो गए.
भाजपा के लिए, नागांव जीतना सिर्फ संसदीय उपचुनाव की जीत से कहीं ज्यादा होगा. इससे पार्टी का यह दावा मजबूत हो सकता है कि उसका संगठनात्मक और चुनावी प्रभाव उन इलाकों में भी बढ़ रहा है जहां पारंपरिक रूप से कांग्रेस का दबदबा रहा है.
कांग्रेस के लिए, इस सीट को बचाए रखना एक अहम जवाबी नैरेटिव देगा और यह दिखाएगा कि मध्य असम में उसका पारंपरिक वोट बैंक अभी भी मजबूत है.
चूंकि दोनों पार्टियां नागांव को Political संकेत के तौर पर देख रही हैं, इसलिए 6 अक्टूबर के नतीजे पर असम के चुनावी मूड के शुरुआती संकेत के तौर पर बारीकी से नजर रखी जाएगी.
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एससीएच