‘ब्रिक्स डिनर से कांग्रेस सीएम क्यों रहे दूर?’, शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने साधा निशाना

Mumbai , 16 सितंबर . शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने Wednesday को कई अहम मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से ब्रिक्स जैसे अहम कार्यक्रमों में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शामिल होने की अपील की. उन्होंने यूसीसी का समर्थन करते हुए कहा कि कानून बनाते समय सभी धर्मों और विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए.

राहुल गांधी की ओर से 2 हजार रुपए से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर संभावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर केंद्र Government पर सवाल उठाए जाने पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि इस व्यवस्था से आम ग्राहक पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा. 2 हजार रुपए तक के भुगतान पर कोई शुल्क नहीं होगा और 2 हजार रुपए से अधिक के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत की दर लागू होने की बात कही जा रही है. यह शुल्क अधिकतम 300 रुपए तक सीमित होगा और इसका भुगतान ग्राहक के बजाय मर्चेंट की ओर से किया जाएगा.

हेगड़े ने कहा कि 2 हजार रुपए से अधिक का लेनदेन होता है तो 0.4 प्रतिशत के हिसाब से संबंधित शुल्क मर्चेंट से लिया जाएगा. इसे एमडीआर कहा जाता है. इससे प्राप्त राशि मर्चेंट बैंक, सेवा प्रदाता और यूपीआई से जुड़े बैंकों या ऐप कंपनियों की भुगतान-प्रसंस्करण लागत की ओर जाती है. उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को गलत जानकारी पर आधारित बताया और कहा कि इस व्यवस्था में आम ग्राहक का प्रत्यक्ष नुकसान नहीं होगा.

यूसीसी को लेकर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि प्रस्ताव पर आपत्तियों और सुझावों को लोगों के सामने रखा जाएगा. कानून तैयार करते समय सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी धर्म या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस न पहुंचे. देश में सभी नागरिकों के लिए कानून समान होना चाहिए और विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय की चिंताओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. Maharashtra में भी Supreme Court की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई के नेतृत्व में सात सदस्यीय समिति यूसीसी के मसौदे पर काम कर रही है.

उन्होंने उत्तराखंड, असम और Gujarat का भी उल्लेख किया और कहा कि अन्य राज्य भी इस विषय पर काम कर रहे हैं. विवाह, तलाक, गोद लेने और विरासत जैसे मामलों में समान कानूनी व्यवस्था का उद्देश्य सभी नागरिकों को एक समान कानूनी ढांचे में लाना है.

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी India द्वारा किए जाने को लेकर हेगड़े ने कहा कि यह देश के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन था. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों को ब्रिक्स गाला डिनर के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे इसमें शामिल नहीं हुए. ब्रिक्स कोई Political दल का कार्यक्रम नहीं था. यह India की मेजबानी में आयोजित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन था. ऐसे अवसर पर मुख्यमंत्रियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देश का प्रतिनिधित्व करना चाहिए था. उन्होंने इसे कांग्रेस की ओर से ब्रिक्स आयोजन की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास बताया.

Prime Minister मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर कृष्णा हेगड़े ने उनकी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि उन्हें Prime Minister से व्यक्तिगत रूप से मिलने का अवसर मिला और Prime Minister ने उनकी सराहना की. इसे हेगड़े ने अपने लिए महत्वपूर्ण सम्मान बताया.

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने संगठन स्तर पर भी लंबे समय तक जिम्मेदारियां संभालीं और बाद में Gujarat के Chief Minister बने. 2014 में उनके नेतृत्व में भाजपा केंद्र की सत्ता में आई और इसके बाद 2019 और 2024 के चुनावों में भी एनडीए ने Government बनाई. Gujarat के Chief Minister और देश के Prime Minister के रूप में उन्होंने सार्वजनिक जीवन में लंबा कार्यकाल पूरा किया है. शिवसेना और एनडीए के घटक दल Prime Minister को इस अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं देना चाहते हैं.

कृष्णा हेगड़े ने कहा कि एनडीए में पीएम मोदी का नेतृत्व जारी रहना चाहिए और उन्होंने 2029 के Lok Sabha चुनाव के संदर्भ में भी अपनी Political इच्छा व्यक्त की. उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में भाजपा और एनडीए भविष्य में भी Government बनाएंगे और वह Prime Minister के रूप में एक और कार्यकाल पूरा करेंगे.

पीएसके/एबीएम

Leave a Comment