संत मलूकदास की स्मृति में जारी हुआ स्मारक डाक टिकट, सिंधिया बोले- संतों ने भारत की आत्मा को दिशा दी

नई दिल्‍ली, 15 सितंबर . Union Minister ज्योतिरादित्य सिंधिया ने Tuesday को संत मलूकदास की याद में आयोजित ‘संत समागम’ के अवसर पर, India Government के डाक विभाग द्वारा जारी एक स्मारक डाक टिकट जारी किया. संत मलूकदास की स्मृति में जारी यह डाक टिकट उनकी भक्ति, ज्ञान, करुणा और जन-कल्याण की समृद्ध परंपरा से जुड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है. इस परंपरा ने पीढ़ियों को जीवन का सही मार्ग दिखाया है.

संतों, महात्मा, स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज, मलूक पीठ सेवा संस्थान न्यास के पदाधिकारियों और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए Union Minister सिंधिया ने कहा कि संतों के वचन और जीवन ने हमेशा India की आत्मा को दिशा दिखाई है. उन्होंने कहा कि यह एक खास संयोग है कि श्रीराम कथा के उद्घाटन के मौके पर उस संत की याद में स्मारक डाक टिकट जारी किया जा रहा है, जिनका मन हमेशा भगवान राम की भक्ति में लीन रहता था.

सिंधिया ने कहा कि संत मलूकदास भगवान राम के परम भक्त थे, लेकिन उनकी भक्ति केवल पूजा-पाठ तक ही सीमित नहीं थी. उन्होंने भगवान राम के चरित्र को अपने जीवन का दर्शन बनाया और इसे जन-जन तक पहुंचाया. वे भगवान राम को कर्तव्य, त्याग, सत्य, करुणा, न्याय और जन-कल्याण के प्रतीक के रूप में देखते थे.

Union Minister ने कहा कि आज India गहरे सांस्कृतिक आत्मविश्वास के साथ आर्थिक विकास की ओर बढ़ रहा है. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में देश अपनी विरासत को आधुनिक विकास से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

अयोध्या में भव्य राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और देश भर में कई आध्यात्मिक व सांस्कृतिक धरोहर स्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि India के लिए विकास और संस्कृति एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं. उन्होंने कहा कि India अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भी आधुनिक बन सकता है.

सिंधिया ने कहा कि देश ‘विकसित India 2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन विकास तभी पूर्ण होगा जब उसके केंद्र में मनुष्य होगा. देश की प्रगति में करुणा, अर्थव्यवस्था में अवसर, तकनीक का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता, शिक्षा के माध्यम से चरित्र-निर्माण और समाज-कल्याण के लिए शक्ति का उपयोग ही विकास को सार्थक बनाते हैं.

Union Minister ने कहा कि डाक विभाग द्वारा जारी यह स्मारक डाक टिकट संत मलूकदास जी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्मृति का हिस्सा बनाने का एक माध्यम है. यह आने वाली पीढ़ियों को उनकी भक्ति, ज्ञान, करुणा और मानवता के संदेश से जोड़ने का काम भी करेगा.

एएसएच/डीकेपी

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