ऑस्ट्रेलिया: मौसम का अजब मिजाज, नवंबर में बर्फबारी ने चौंकाया

सिडनी, 8 नवंबर . ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है. वसंत ऋतु के दौरान नवंबर में असामान्य ठंड पड़ने के साथ न्यू साउथ वेल्स, विक्टोरिया और तस्मानिया के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई. मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को हैरान कर दिया है.
थ्रेडबो, पेरिशर और माउंट हॉथम में बर्फ गिरी. तस्मानिया की राजधानी होबार्ट के पास कुनानयी/माउंट वेलिंगटन में भी बर्फबारी हुई. मौसम विभाग ने पहले ही इस बदलाव का पूर्वानुमान जताया था. हालांकि नवंबर में इस तरह की बर्फबारी असामान्य है, लेकिन यह पहली बार नहीं है. नवंबर 2022 में भी इनमें से कई इलाकों में बर्फ गिरी थी.
अंटार्कटिका की ओर से उत्तर दिशा में बढ़ी ठंडी हवाओं से यह मौसमी बदलाव आया. ऑस्ट्रेलिया के मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान वास्तविक दर्ज तापमान से भी कम महसूस हुआ.
Saturday दोपहर तक एडिलेड, मेलबर्न, होबार्ट, कैनबरा और सिडनी में तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से नीचे महसूस किया गया. एडिलेड में तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, लेकिन यह 12.3 डिग्री जैसा महसूस हुआ. वहीं, कैनबरा में अधिकतम तापमान 12.9 डिग्री रहा, जो ठंडी हवाओं के चलते 5.3 डिग्री जैसा महसूस हुआ.
इसके उलट ब्रिस्बेन, पर्थ और डार्विन में तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. मौसम विभाग ने Monday से तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है. Tuesday तक सभी प्रमुख शहरों में तापमान कम से कम 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है.
तस्मानिया में ठंड के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि भी हुई. किंग्सटन बीच ओवल का मैदान ओलों से ढक गया. social media पर लोगों ने नवंबर में हो रही बर्फबारी के वीडियो और तस्वीरें साझा कीं. थ्रेडबो में काम करने वाली मैडलीन मैकवी ने इसे वसंत ऋतु में ऑस्ट्रेलिया में बर्फबारी का हैरान करने वाला नजारा बताया.
न्यूज डॉट कॉम एयू की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इस साल के आखिरी बड़े शीतलहर वाले दौर में से एक हो सकता है. मौसम विभाग और संयुक्त राष्ट्र समेत कई संस्थाओं ने आने वाले समय में शक्तिशाली अल नीनो के प्रभावों को लेकर चेतावनी दी है.
अल नीनो के कारण दक्षिणी गोलार्ध में गर्मी का मौसम सामान्य से अधिक गर्म और शुष्क रहने का अनुमान है. इससे ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी अफ्रीका में सूखे तथा जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ सकता है.
जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया के कई हिस्सों में चरम मौसमी घटनाओं की तीव्रता बढ़ रही है. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया में एक ओर नवंबर की असामान्य बर्फबारी और दूसरी ओर आने वाली गर्मियों में अल नीनो के संभावित प्रभाव मौसम के बदलते मिजाज की ओर संकेत करते हैं.
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केआर/


