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Wednesday, 4 November 2026
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एसआईआर में जो नाम कटे सही हैं, घुसपैठिये देश के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे थे: चिराग पासवान

एसआईआर में जो नाम कटे सही हैं, घुसपैठिये देश के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे थे: चिराग पासवान

Patna, 3 नवंबर . Union Minister चिराग पासवान ने एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने को सही ठहराया. इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर करोड़ों गलत नाम कटे होते तो लोग सड़क पर आते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि विपक्ष सत्ता लालच में मर्यादाएं चौपट कर रहा है, जबकि पीएम मोदी विकसित India के निर्माण में लगे हैं.

Union Minister चिराग पासवान ने कहा, “एसआईआर के तहत जो नाम कट रहे हैं, ये वे नाम हैं जो सही मायनों में अवैध रूप से हमारे देश के साधन-संसाधनों का लंबे समय से दुरुपयोग कर रहे थे. मैं बार-बार इस बात को कहता हूं कि जो लोग कह रहे हैं कि नाम गलत कटे हैं, गलत तरीके से कटे हैं, तो आपके बीएलए क्या कर रहे हैं? आपके बीएलए वहां मौजूद हैं न. आपके बूथ-लेवल एजेंट इस बात को क्रॉस-चेक करते हैं?”

उन्होंने कहा कि अगर मान लीजिए किसी बीएलओ द्वारा एक गलत नाम कट भी गया हो और कई बार गलतियां होती हैं, तो उसका नाम दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है. पर ऐसे में सिर्फ इस बात को लेकर विपक्ष जिस तरीके से हंगामा कर रहा है, रामलीला मैदान तक ये लोग चले गए कि 10 लाख लोग इकट्ठा करेंगे. 140 करोड़ की आबादी में 1 लाख 40 हजार लोग भी ये लोग इकट्ठा नहीं कर पाए. उसके बाद ये लोग दावे कर रहे हैं कि इतने करोड़ गलत नाम कट गए.

Union Minister ने कहा, “आपको लगता है कि अगर कहीं इतनी बड़ी संख्या में गलत नाम कट जाएंगे तो क्या वे लोग सड़क पर नहीं आएंगे? क्या वे लोग हंगामा नहीं करेंगे?

चिराग पासवान ने कहा कि एसआईआर को लेकर हकीकत यह है कि जो नाम कटे हैं, सही कटे हैं. डुप्लिकेसी चल रही थी, जिनका निधन हो गया था, उनके नाम पर मतदान किया जा रहा था. ये वही नाम हैं जिन्हें काटा गया है, जिनमें वे घुसपैठिए भी शामिल हैं, जिनके पास यहां रहने का कोई आधार नहीं है. कई बार यही लोग असामाजिक तत्वों की आवाज बनने का काम करते हैं, देश में अराजकता फैलाने का काम करते हैं. इन्हीं लोगों के नाम काटे गए हैं. इसलिए केंद्रीय गृह मंत्री ने जो जानकारी दी, बिल्कुल सही दी.

उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करने का लालच विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस और राहुल गांधी में इतनी ज्यादा हो गया है कि ये मर्यादाओं, परंपराओं और देश को चलाने वाली तमाम चीजों को चौपट करना चाहते हैं. आप उठाइए उन मुद्दों को, जिनसे जनता का सुधार हो, जिससे जनता को फर्क पड़ता हो, जैसे सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य. जो भी विषय उठाने हैं, उठाइए.

Union Minister ने कहा कि लेकिन एसआईआर का मुद्दा आप क्यों उठाएंगे? क्योंकि आपको अपनी सीटें कम होती हुई परेशान कर रही हैं. क्योंकि राज्यों में आपके Chief Minister कम होते जा रहे हैं. क्योंकि आप इतने समय से राजनीति में हैं, लेकिन आज तक किसी मंत्री या Prime Minister के पद तक नहीं पहुंच पाए. यह विषय सिर्फ और सिर्फ सत्ता हासिल करने का है.

उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ Prime Minister विकसित India के निर्माण में अपनी पूरी ऊर्जा लगाने का काम कर रहे हैं और ये लोग सत्ता को कैसे गलत तरीके से हासिल किया जाए, उसी तरफ अपना ध्यान लगाए हुए हैं.

दो एमएलसी को भाजपा में मिलाने के मामले को लेकर Union Minister ने कहा कि मुझे नहीं पता कि इसमें गठबंधन धर्म का विषय कहां से आता है. यह पूरी तरह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह किस दल का समर्थन करना चाहता है या नहीं. हां, जो कानूनी बाधाएं हैं, उनमें जॉइनिंग संभव है या नहीं, यह एक अलग विषय है. और नैतिकता भी एक बहुत बड़ा आधार है. जब आप एक गठबंधन के एक दल के खिलाफ चुनाव जीतकर आए हैं और फिर उसी गठबंधन के दूसरे सहयोगी के समर्थन की बात करते हैं, तो निश्चित रूप से उसमें नैतिकता दिखाई नहीं देती. लेकिन यदि कोई कानूनी बाधा या कानूनी अड़चन सामने आती है, तो वह जरूर चिंता का विषय होगा.

अनंत सिंह की सदस्यता जदयू से रद्द करने को लेकर उन्होंने कहा कि यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है. चुनाव के दौरान जिस तरीके की उनकी भूमिका रही, उसको लेकर जनता दल यूनाइटेड ने उन पर कार्रवाई की मांग की है. मुझे लगता है कि कानून अपना काम करेगा.

अराजकता के खिलाफ भाजपा की यात्रा को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि यूपी ही नहीं, कई शहरों में अलग-अलग स्थानों पर हमारे जनप्रतिनिधि भी अपनी भागीदारी इस यात्रा में दे रहे हैं. India को अराजकता में झोंकने की जो सोच विपक्ष की है, वह गलत है. विपक्ष के पास ऐसे चेहरे और ऐसे नाम हैं जो बांग्लादेश का उदाहरण देते हैं, जो नेपाल जैसी व्यवस्था India में लाना चाहते हैं, जो सत्ता परिवर्तन चाहते हैं. जैसे हमारे पड़ोसी देश Pakistan में सत्ता परिवर्तन के लिए संस्थाओं का दुरुपयोग होता है, वैसी सोच विपक्ष के कुछ लोग रखते हैं. इस सोच को न India की जनता और न ही हम लोग कभी सफल होने देंगे. उसी के खिलाफ यह मार्च निकाला जाता है.

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केके/एएस

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