एमएलसी चुनाव: कांग्रेस ने खाता खोला, आरएसएस के गढ़ नागपुर में जीत दर्ज की

नागपुर, 29 अक्टूबर . कांग्रेस ने Maharashtra विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है. पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक ऐसे क्षेत्र में हराया है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का गढ़ माना जाता है.
कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने लंबी मतगणना प्रक्रिया के बाद अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी सुधाकर कोहले को 3,271 मतों के अंतर से हरा दिया. यह परिणाम नागपुर में कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनावी जीत है, जहां भाजपा और आरएसएस की काफी मजबूत Political उपस्थिति है.
अपनी जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए वंजारी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.
वंजारी ने मतदाताओं से मिले समर्थन पर भरोसा जताते हुए कहा, “भाजपा ने इन चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, उनके बड़े नेता नागपुर में मौजूद थे, लेकिन मतदाता हमारे साथ थे.”
यह परिणाम इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि नागपुर Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर है और यह उस Lok Sabha क्षेत्र का हिस्सा भी है जिसका प्रतिनिधित्व Union Minister नितिन गडकरी करते हैं.
नागपुर आरएसएस का मुख्यालय भी है, एक ऐसा संगठन जिसकी इस क्षेत्र में मजबूत वैचारिक और संगठनात्मक उपस्थिति है.
इस जीत के साथ कांग्रेस ने कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश और Maharashtra में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए हुए उपचुनावों में अपना खाता खोल लिया है.
उन्होंने विपक्षी ‘महा विकास अघाड़ी’ (एमवीए) के समर्थन से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा. इस गठबंधन में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं.
कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने ‘एक्स’ पर लिखा कि इस जीत के साथ, “भ्रम का गुब्बारा फूट गया है, नफरत की हार हुई है.”
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ओपी/वीसी


