Skip to content
Sunday, 18 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
क्रिकेट,खेल

‘उनकी संयम भरी पारी दिखाती है कि वह कितनी आगे जा सकती हैं’, दीप्ति ने निकी की बल्लेबाजी को सराहा

‘उनकी संयम भरी पारी दिखाती है कि वह कितनी आगे जा सकती हैं’, दीप्ति ने निकी की बल्लेबाजी को सराहा

New Delhi, 17 अक्टूबर . India की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अपने डेब्यू मैच में दबाव के बीच शानदार पारी खेलने वालीं निकी प्रसाद के संयम की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच जिताने वाली साझेदारी के दौरान इस युवा खिलाड़ी का शांत रवैया उनकी क्षमता को दर्शाता है.

Friday को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए पहले महिला टी20 इंटरनेशनल मैच में India ने 19/4 की खराब शुरुआत से उबरते हुए 115 रनों के लक्ष्य को 6 विकेट खोकर हासिल किया. India ने 4 विकेट और 26 गेंदें शेष रहते जीत दर्ज की. दीप्ति ने 49 रन बनाए जबकि निकी 39 रन बनाकर नाबाद रहीं. दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 63 गेंदों पर 82 रनों की साझेदारी की, जिससे India ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली.

दीप्ति ने कहा कि अपने इंटरनेशनल डेब्यू के दौरान दबाव भरी स्थिति में भी निकी का शांत रहना काबिले तारीफ था, खासकर तब जब India ने शुरुआती चार ओवरों में ही चार विकेट गंवा दिए थे. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा अपने ‘एक्स’ पर शेयर किए गए वीडियो में दीप्ति ने कहा, “निकी के बारे में एक खास बात है, जिसका जिक्र मैंने पहले भी एक इंटरव्यू में किया था, कि वह बिल्कुल बेफिक्र होकर खेल रही थीं. दबाव वाली स्थिति में आने के बावजूद, ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वह अपना पहला मैच खेल रही हैं. मैंने कई खिलाड़ियों को देखा है जो अपने पहले मैच में थोड़े घबरा जाते हैं.”

अपने खुद के इंटरनेशनल डेब्यू को याद करते हुए दीप्ति ने बताया कि ऐसी ही परिस्थितियों में वह भी घबरा गई थीं लेकिन निकी ने जिस तरह से इस चुनौती का सामना किया, उससे वह काफी प्रभावित हुईं. उन्होंने कहा, “जब मैंने अपना डेब्यू किया था, तब मैं भी घबरा गई थी. हालांकि, निकी को देखकर मुझे ऐसा बिल्कुल नहीं लगा. जब हमारी साझेदारी हो रही थी, तो वह मुझसे कह रही थीं कि हमें बस अपनी साझेदारी पर ध्यान देना है और मैच को फिनिश करना है.”

दीप्ति ने आगे कहा कि इतनी कम उम्र में सोच में इतनी स्पष्टता होना, खिलाड़ी की परिपक्वता को दर्शाता है. यह भारतीय क्रिकेट में उनके भविष्य के लिए काफी अहम साबित हो सकता है. उन्होंने कहा, “एक युवा खिलाड़ी के तौर पर जब आपके मन में ऐसा विचार आता है, तो समझ लीजिए कि वह खिलाड़ी आगे चलकर कितना अच्छा प्रदर्शन करेगा.”

दीप्ति ने बताया कि उनकी प्राथमिकता एक साझेदारी बनाना और जरूरी रन रेट को काबू में रखना था, न कि बढ़ते दबाव में आकर कोई जोखिम भरा शॉट खेलना. उन्होंने कहा, “मेरे दिमाग में बात एकदम साफ थी. मैं बस एक साझेदारी बनाना चाहती थी. हम दोनों यही सोच रहे थे, क्योंकि वह स्थिति थोड़ी मुश्किल थी. अगर हर ओवर में कुछ रन – जैसे सिंगल लेकर 4-5 रन – बनते रहें, तो हम लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे. बस यही हमारी सोच थी, और हमने इसी तरह बल्लेबाजी की.”

–

एसएम/पीएम

Share