आलू की बुवाई कर रहे किसानों के बीच पहुंचे दिग्विजय सिंह, सुनीं उनकी समस्याएं

Bhopal , 22 अक्टूबर . Madhya Pradesh के पूर्व Chief Minister दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान आम लोगों से सीधे संवाद का सिलसिला जारी है. Thursday को यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह सड़क किनारे खेतों में आलू की बुवाई कर रहे किसानों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं.
पूर्व Chief Minister सिंह ने उज्जैन से अयोध्या तक की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू की है. उनकी यात्रा का Thursday को तीसरा दिन रहा. इस दौरान वह खेत में आलू की बुवाई कर रहे किसानों के बीच पहुंचे. किसानों ने खाद की किल्लत, बिजली की समस्या और आलू की फसल का उचित दाम नहीं मिलने से हो रही परेशानियों से उन्हें अवगत कराया. किसानों ने बताया कि आलू की बुवाई के समय खाद नहीं मिल रहा है. टोकन के आधार पर खाद मिलने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
वहीं, बिजली की समस्या भी खेती के काम को प्रभावित कर रही है. किसानों ने आलू की पिछली फसल का जिक्र करते हुए बताया कि बाजार में कम दाम मिलने से उनकी लागत तक नहीं निकल पाई. कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने के बावजूद उन्हें इतना कम भाव मिला कि भंडारण का किराया तक नहीं निकल सका.
पूर्व Chief Minister दिग्विजय सिंह से एक किसान ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि देश में वोट चोरी और चंदा चोरी के साथ खाद की भी चोरी हो रही है. किसान ने दिग्विजय सिंह से कहा कि आप हमारी भी आवाज हैं. किसानों की समस्याओं को सुनने के साथ दिग्विजय सिंह ने इस मुलाकात को धरती माता, माता सीता और अन्नदाता किसान के सम्मान से जोड़ते हुए social media पर एक पोस्ट भी साझा की.
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जगतनंदिनी माता सीता भूमिजा थीं, जिनका प्राकट्य धरती माता की कोख से हुआ था. यह हमें स्मरण कराता है कि हमारी भूमि केवल अन्न ही नहीं, आस्था और संस्कृति की भी जननी है. किसान इसी पवित्र धरती का सेवक और अन्नदाता हैं. जिस धर्म में धरती माता है, माता सीता भूमिजा हैं, और अन्नदाता किसान पूज्यनीय हैं, उस धर्म में मिट्टी का सम्मान और किसान का स्वाभिमान सर्वोपरि होना चाहिए.
दिग्विजय सिंह की विजयादशमी के दिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई यह यात्रा अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन के साथ पूरी होगी. यात्रा में साधु-संतों और आम लोगों की भागीदारी के बीच दिग्विजय सिंह का विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद भी जारी है.
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एसएनपी/डीकेपी


