आईआईआईटी रांची में छात्र की मौत के बाद बवाल, निदेशक के इस्तीफे की मांग

रांची, 11 अक्टूबर . Jharkhand की राजधानी रांची के खेलगांव स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) के हॉस्टल में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की मौत के बाद Sunday को छात्रों ने जमकर हंगामा किया. आक्रोशित विद्यार्थियों ने हॉस्टल की व्यवस्था में सुधार और संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. छात्रों ने खेलगांव-टाटीसिलवे मार्ग भी जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. Police और संस्थान के अधिकारी छात्रों को समझाने में जुटे रहे.

बिहार के पूर्णिया निवासी आदित्य Saturday रात अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद से छात्र हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि हॉस्टल की व्यवस्था के लिए संस्थान के निदेशक जिम्मेदार हैं और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.

प्रदर्शन के बीच निदेशक राजीव श्रीवास्तव छात्रों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन इस दौरान विद्यार्थियों का आक्रोश बढ़ गया. मौके पर सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा, खेलगांव थाना प्रभारी और अन्य Police अधिकारी मौजूद रहे. Sunday शाम 4.30 बजे समाचार लिखे जाने तक छात्रों का हंगामा जारी है. रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि मामले की प्रारंभिक जांच जारी है. फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा चुकी है और छात्र के रूममेट का बयान भी लिया गया है.

उन्होंने कहा कि छात्र की मौत और हॉस्टल की मांगों को लेकर हो रहे प्रदर्शन को अलग-अलग घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है. Police मौत के कारणों की जांच कर रही है. एसएसपी ने प्रारंभिक तौर पर परीक्षा से जुड़े दबाव की आशंका भी जताई. संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि आदित्य ने अगस्त में प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था और इन दिनों उसकी मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही थीं.

उनके अनुसार, रात में बिजली चली गई थी और इसी दौरान छात्र ने कथित तौर पर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. सहपाठियों ने दरवाजा खोलकर उसे बाहर निकाला. निदेशक ने कहा कि परिसर में उपलब्ध एंबुलेंस से छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किसी भी सुधार की जरूरत की समीक्षा की जाएगी.

सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा ने बताया कि छात्र के परिजनों के पहुंचने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि अब तक जिला प्रशासन को ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है, जिसके आधार पर अलग से कार्रवाई शुरू की जा सके. इस बीच, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने social media मंच ‘एक्स’ पर कहा कि आयोग छात्र की मौत का संज्ञान ले रहा है. उन्होंने इलाज में देरी, संभावित प्रशासनिक लापरवाही और मौत की परिस्थितियों की जांच कराने की बात कही.

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एसएनसी/डीकेपी

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