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Saturday, 7 November 2026
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अहमदाबाद एसटीपी हादसा: मृत मजदूरों के परिवारों को 30-30 लाख मुआवजा, बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाएगा ठेकेदार

अहमदाबाद एसटीपी हादसा: मृत मजदूरों के परिवारों को 30 30 लाख मुआवजा, बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाएगा ठेकेदार

Ahmedabad एसटीपी हादसा: मृत मजदूरों के परिवारों को 30-30 लाख मुआवजा, बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाएगा ठेकेदार

Ahmedabad, 5 नवंबर . Ahmedabad नगर निगम (एएमसी) के सोला स्थित निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में काम के लिए जिम्मेदार ठेकेदार पिछले महीने हुए एक हादसे में जान गंवाने वाले दो मजदूरों के परिवारों को 30-30 लाख रुपए का मुआवजा देगा. साथ ही, वह उनके बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च भी उठाएगा.

यह फैसला Thursday को एएमसी की साप्ताहिक समिति की बैठक के बाद, समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने सुनाया. उन्होंने बताया कि ठेकेदार दोनों परिवारों के छोटे बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने के लिए भी सहमत हो गया है.

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब 26 अक्टूबर को हुए हादसे की Police जांच चल रही है. इस दौरान निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों और मौतों के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.

उन्होंने कहा, “शुरुआती जांच से पता चलता है कि काम पूरा होने तक इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की थी.” हालांकि, जांच से यह साफ होगा कि क्या मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण दिए गए थे और काम के दौरान उनका सही तरीके से इस्तेमाल किया गया था या नहीं.

एएमसी ने ठेकेदार, एचएनबी इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड को एक अलग नोटिस जारी कर लापरवाही के लिए 50 लाख रुपए का जुर्माना भरने को कहा है.

यह हादसा निगम के सोला स्थित 30 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता वाले एसटीपी में हुआ, जब निर्माणाधीन प्लांट में काम के दौरान चार लोग पंप हाउस के संप (गड्ढे) में गिर गए. शुरुआती जानकारी के अनुसार, काम करते समय एक वेल्डर संप में गिर गया, जिसके बाद उसे बचाने के लिए तीन अन्य लोग भी अंदर चले गए.

इस हादसे में अभिषेक (28) और मनोज (40) नाम के दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि बाकी दो लोगों को बचा लिया गया और सोला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया.

उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. 112 हेल्पलाइन पर इमरजेंसी कॉल मिलने के बाद थलतेज और बोदकदेव से फायर और इमरजेंसी सर्विस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे. बचाव अभियान चलाने के लिए दमकलकर्मियों ने ऑक्सीजन ब्रीदिंग अपैरेटस का इस्तेमाल किया. इस अभियान में लगभग 30 से 45 मिनट का समय लगा. हादसे के सटीक हालात और मौतों के कारणों की अभी जांच की जानी बाकी है.

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एएसएच/डीकेपी

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