
गुवाहाटी, 8 सितंबर . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Tuesday को कहा कि राज्य Government मशहूर संगीतकार और सांस्कृतिक हस्ती भूपेन हजारिका की रचनात्मक विरासत को बचाने की कोशिशों के तहत टॉलीगंज में उनके कोलकाता वाले घर को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठा रही है.
सरमा ने कहा कि हजारिका के जीवन का एक अहम हिस्सा कोलकाता में बीता था और इस घर को सुरक्षित रखना इसलिए भी जरूरी है.
सरमा ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भूपेन दा के जीवन का एक हिस्सा कोलकाता में बीता था, और हम उस हिस्से को मिटने नहीं दे सकते. उन्होंने कहा कि जब असम हजारिका की जन्म शताब्दी मना रहा है, तो राज्य Government टॉलीगंज में उनके घर को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठा रही है. उन्होंने इसे संगीतकार की रचनात्मक विरासत का एक कीमती हिस्सा बताया.
भूपेन दा के नाम से मशहूर हजारिका असम की सबसे सम्मानित सांस्कृतिक हस्तियों में से एक हैं और भारतीय संगीत, सिनेमा और साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें व्यापक रूप से पहचाना जाता है. उनके गीतों और रचनाओं में मानवता, सामाजिक न्याय, सद्भाव और आम लोगों के जीवन की झलक मिलती थी.
इस संगीतकार ने अपने जीवन का एक लंबा समय कोलकाता में बिताया, जहां उन्होंने बंगाली फिल्म और संगीत जगत में काम किया और कई प्रमुख सांस्कृतिक हस्तियों के साथ करीबी संबंध बनाए. कोलकाता के साथ उनका जुड़ाव उनकी कलात्मक यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, जिससे असम, पश्चिम बंगाल और अन्य जगहों पर उनके काम को पसंद करने वालों के लिए उनके पुराने घर को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण हो गया है.
असम Government का यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हजारिका की जन्म शताब्दी के लिए तैयारियां और यादगार कार्यक्रम अहम होते जा रहे हैं. इस पहल का मकसद यह पक्का करना है कि इस महान संगीतकार के जीवन और काम से जुड़ी जगहों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए.
हजारिका का जन्म 8 सितंबर, 1926 को असम के सदिया में हुआ था. कई दशकों के अपने करियर में, वे पूर्वोत्तर की सबसे प्रभावशाली आवाजों में से एक बनकर उभरे और असमिया संगीत और संस्कृति को बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. उन्हें 2019 में मरणोपरांत India का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘India रत्न’ दिया गया.
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एमएस/