अब नेपाल में बिना पासपोर्ट लिए घूम सकेंगे विदेशी पर्यटक, इमिग्रेशन विभाग ला रहा नया सिस्टम

काठमांडू, 18 सितंबर . नेपाल का इमिग्रेशन विभाग एक ऐसी व्यवस्था शुरू करने जा रहा है, जिससे विदेशी नागरिकों को पूरे हिमालयी देश में घूमने के लिए अपना फिजिकल पासपोर्ट साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी.

विभाग ने इस सिस्टम को ‘पासपोर्ट-फ्री ट्रैवल’ नाम दिया है. विभाग का कहना है कि इसका मकसद नेपाल में विदेशी नागरिकों के ठहरने को और अधिक सुविधाजनक बनाना है.

इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए विदेशी नागरिकों को नेपाल पहुंचने के बाद अपने मोबाइल में इमिग्रेशन विभाग की आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करनी होगी और उसमें जरूरी जानकारी भरनी होगी, जिसमें पासपोर्ट की स्कैन कॉपी और वीजा की डिटेल भी शामिल है.

विभाग के डायरेक्टर जनरल राम चंद्र तिवारी ने कहा, “फिर वे बिना फिजिकल पासपोर्ट लिए पूरे देश में आजादी से घूम सकते हैं.”

विभाग ने बताया कि यह ऐप एंड्रॉयड और एप्पल आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है. एक बार ऐप पर अपनी डिटेल रजिस्टर करने के बाद विदेशी नागरिकों को घरेलू उड़ानों में सवार होते समय, मनी एक्सचेंज काउंटर पर करेंसी बदलते समय, होटल में चेक-इन करते समय या ट्रेकिंग एजेंसियों के जरिए यात्रा की व्यवस्था करते समय अपना फिजिकल पासपोर्ट दिखाने की जरूरत नहीं होगी.

राम चंद्र तिवारी ने कहा, “उदाहरण के लिए, यात्रा के दौरान जो लोग अपना पासपोर्ट होटल में भूल जाते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे नहीं दिखा पाते, तो ऐप पर अपनी जानकारी अपडेट करके नेपाल के अंदर रहते हुए पासपोर्ट होटल या कहीं और भूलने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी.”

उन्होंने कहा कि असली विदेशी नागरिकों को भी कभी-कभी पासपोर्ट न होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा है और ‘पासपोर्ट-फ्री ट्रैवल’ व्यवस्था ऐसी परेशानियों को खत्म करने में मदद करेगी.

राम चंद्र तिवारी ने बताया, “कुछ विदेशियों को फिजिकल पासपोर्ट न दिखा पाने के कारण गिरफ्तार भी किया गया है.”

राम चंद्र तिवारी के मुताबिक विदेशी नागरिक इसी ऐप के जरिए वीजा एक्सटेंशन के लिए भी आवेदन कर सकेंगे.

विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था से इमिग्रेशन से जुड़ी सेवाएं विदेशी नागरिकों के लिए और आसान, सुलभ और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली बनेंगी. इस पहल से विभाग दो लक्ष्य हासिल करना चाहता है, जिसमें पर्यटकों को नेपाल घूमते समय अधिक आजादी और आराम से यात्रा करने देना और नेपाली अधिकारियों को देश में विदेशी नागरिकों पर नजर रखने में मदद करना शामिल है.

विभाग यह नया सिस्टम ऐसे समय में लाने की तैयारी कर रहा है जब उसने पहले से ही फॉरेन नेशनल्स मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एफएनएमआईएस) लागू किया हुआ है. यह एक राष्ट्रव्यापी डिजिटल डेटाबेस है, जो विदेशी नागरिकों के वीजा आवेदन से लेकर देश छोड़ने तक की रियल-टाइम जानकारी इकट्ठा करने के लिए बनाया गया है. यह सिस्टम इस साल 1 जनवरी से काम कर रहा है.

इसे प्रभावी बनाने के लिए होटल, एयरलाइन, ट्रैवल और ट्रेकिंग एजेंसियों, मनी एक्सचेंज काउंटर और विदेशी नागरिकों को सेवाएं देने वाली अन्य संस्थाओं को इस सिस्टम में रजिस्टर होना जरूरी है.

विभाग का कहना है कि इस सिस्टम का मकसद देश में आने वाले विदेशी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और विदेशी नागरिकों से जुड़े संभावित अपराधों पर नियंत्रण में मदद करना है.

विभाग के अनुसार, अब तक 1,652 सर्विस प्रोवाइडर, जिनमें होटल, एयरलाइन, ट्रैवल और ट्रेकिंग एजेंसियां और मनी एक्सचेंज काउंटर शामिल हैं, इस योजना में शामिल हो चुके हैं और 1,80,000 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को इस सिस्टम के जरिए ट्रैक किया जा रहा है.

इमिग्रेशन विभाग के प्रवक्ता टिकाराम ढकाल ने कहा, “अगर सभी होटल और ट्रैवल एजेंसियां इस सिस्टम में रजिस्टर्ड होती, तो हम 26 अगस्त की बाढ़ के बाद लापता हुए विदेशी नागरिकों के बारे में पता लगा सकते थे.”

वीकेयू/एएस

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