
New Delhi, 11 सितंबर . नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के नेशनल प्रेसिडेंट विनोद झाखड़ ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव पर बात की. जबकि, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और कुमारी सैलजा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई मुद्दों पर अपने-अपने विचार साझा किए.
एनएसयूआई के नेशनल प्रेसिडेंट विनोद झाखड़ ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों से एक भी हॉस्टल का निर्माण नहीं हुआ है. दिल्ली विश्वविद्यालय पर यह एक बड़ा सवाल है. डीयू देश का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है. यहां देश के कोने-कोने से छात्र पढ़ने के लिए आते हैं. यहां पर पढ़ने वाले सभी छात्रों को हॉस्टल मिलना चाहिए. यह उनका अधिकार है. अच्छी शिक्षा पाना, अच्छा खाना, अच्छे से रहना दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों का अधिकार है, जो उनको मिलना चाहिए. सत्य निकेतन की घटना बेहद दुखद है, जिस प्रकार मलबे में छात्र दबकर मरे हैं. वहां के वाइस चांसलर ने अभी तक इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने Friday को से बात करते हुए कहा कि जो हम बात करते हैं, उस पर अमल करने की भी पूरी कोशिश करते हैं. हर डिपार्टमेंट में कही हुई बातों पर अमल किया जा रहा है. चुनाव में भी यही कोशिश की जाती है कि सामाजिक न्याय की तरफ विशेष ध्यान दिया जाए. हमारी पूरी तैयारी है. उत्तराखंड की जनता की तैयारी है कि इस बार Government बदलनी है. हम उत्तराखंड के जो लोग हैं, वोटर हैं, उनकी आशाओं पर खरे उतरेंगे.
ब्रिक्स समिट पर उन्होंने कहा कि ब्रिक्स अभी शुरू हुआ है. ऐसे में अभी इस पर बोलना उचित नहीं होगा. ब्रिक्स समिट संपन्न हो जाए. इसके बाद इस पर चर्चा की जाएगी. अभी पूरे विश्व के मेहमान राजधानी दिल्ली में आए हुए हैं. जब आईएमएफ आपके आंकड़ों का समर्थन नहीं करता, तो वह किसी एजेंट जैसा लगने लगता है. जब आईएमएफ आपके काम को मंजूरी देता है, तो आप उसकी तारीफ करने लगते हैं. इसीलिए रविशंकर प्रसाद से कहिए कि वे अपना मन पक्का करें. तमिलनाडु में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर बने नए नियम को लेकर उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और केरल में भी वंदे मातरम के दो ही अंतरे बजाए गए, तो क्या वह सब जेल में चले गए?
उत्तराखंड में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और बीजेपी प्रेसिडेंट नितिन नवीन ने उत्तराखंड का दौरा किया है. इस पर कुमारी सैलजा ने कहा कि चुनाव को लेकर हमारी तैयारी शुरू से चल रही है. पार्टी के शीर्ष नेता भी वहां पहुंच चुके हैं और शायद उसी को देखकर अब नितिन नवीन वहां पहुंचे हैं. बीजेपी का असली चेहरा दुनिया ने देखा है और उत्तराखंड ने भी. बीजेपी ने उत्तराखंड के लोगों का, उनकी संस्कृति का अपमान किया है. इसके लिए उनको सजा उत्तराखंड की जनता देगी. भाजपा-आरएसएस की नीति रही है कि धर्म और जाति के आधार पर लोगों को बांटो, लेकिन उनका यह पैंतरा बार-बार नहीं चलेगा.
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डीके/एबीएम