Wednesday , 23 June 2021

लालू प्रसाद की बढ़ सकती है मुश्किलें, दिल्ली एम्स से वापस लाने की तैयारी

रांची (Ranchi) . चारा घोटाले में सजायाफ्ता बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव एक ओर दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में जमानत के लिए जूझ रहे हैं, वहीं आने वाले समय में उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती है. चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले- कांड संख्या आरसी-47 ए/96 में सुनवाई अंतिम दौर में है. इस मामले में जिस तरह से लगातार CBI की ओर से लालू प्रसाद के खिलाफ अदालत में साक्ष्य और गवाह की पेशी की जा रही है, उससे यह उनके समर्थकों में खासी बेचैनी है.

एम्स से वापस लाने की तैयारी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लालू की तबीयत में तेजी से सुधार हो रहा है. उनकी तबीयत में हो रहे सुधार को देखते हुए जेल प्रबंधन लालू को दिल्ली एम्स से रांची (Ranchi) वापस लाने की तैयारी में जुट गया है. बताया गया है कि होटवार जेल अधीक्षक ने एम्स निदेशक को पत्र लिखकर लालू के मेडिकल कंडीशन और रांची (Ranchi) वापस लाने की जानकारी मांगी है. एम्स निदेशक अगर रांची (Ranchi) भेजने पर सहमति जता देते हैं तो लालू जल्द ही फिर से या तो होटवार जेल में रहेंगे या रिम्स में.

रांची (Ranchi) के डोरंडा कोषागार से जुड़े इस मामले में 1995-96 के दौरान 139.35 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध निकासी की गई थी. CBI के वरिष्ठ अधिवक्ता बीएमपी सिंह ने बताया है कि नौ मार्च से इस मामले में बहस शुरू है. विशेष अदालत में अभी CBI बहस कर रही है, इसके बाद बचाव पक्ष की ओर से बहस की जाएगी.

डोरंडा ट्रेजरी से जुड़े इस मामले में लालू यादव के साथ तत्कालीन पशुपालन मंत्री विद्यासागर निषाद, पूर्व सांसद (Member of parliament) जगदीश शर्मा, कई आइएएस अधिकारी व आपूर्तिकर्ता सहित 110 आरोपी है. सभी आरोपियों का बयान पहले ही दर्ज कर लिया गया है. इससे पहले इस मामले में CBI ने कुल 170 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) जगरनाथ मिश्रा सहित 70 की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई. फिलहाल 110 आरोपी ट्रॉयल का सामना कर रहे हैं जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) लालू प्रसाद यादव मुख्य तौर पर शामिल हैं.

चारा घोटाले मामले में 53 मुकदमे दर्ज

CBI ने 1996 में अलग-अलग कोषागारों से गलत ढंग से अलग-अलग राशियों की निकासी को लेकर 53 मुकदमे दर्ज किए थे. उन 53 मामलों में से यह मामला आरसी 47 (ए)/ 96 सबसे बड़ा है, जिसमें सर्वाधिक 170 आरोपित शामिल हैं. जबकि इस मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों की संख्या भी सबसे अधिक 585 है.

चारा घोटाले के मामलों में सजायाफ्ता लालू यादव 23 दिसंबर 2017 से जेल में हैं. जमानत का बेसब्री से इंतजार कर रहे चारा घोटाले में सजायाफ्ता राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को पिछले महीने 19 फरवरी को बड़ा झटका लगा है, जब झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत की याचिका खारिज कर दी है. यह केस दुमका ट्रेजरी से जुड़ा है. अगर इस मामले में लालू को जमानत मिल जाती है, तो वे जेल से बाहर निकल सकेंगे.

जेल जाने के बाद वे कई बीमारी की चपेट में हैं. लिहाजा जेल से इलाज के लिए उन्हें रिम्स में भेजा गया. रिम्स में लंबे समय से भर्ती लालू यादव की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर जनवरी महीने में बेहतर इलाज के लिए उन्हें एम्स नई दिल्ली (New Delhi) भेजा गया है. हिरासत में रहते हुए एम्स नई दिल्ली (New Delhi) में उनका इलाज चल रहा है.

चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद को अब तक चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के दो और देवघर कोषागार से अवैध निकासी के एक मामले मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिली चुकी है. अब सिर्फ दुमका मामले में जमानत मिलनी बाकी है. अगर इस मामले में उन्हें जमानत की सुविधा मिलती है, तो वे जेल से रिहा हो जाएंगे. इस बीच डोरंडा ट्रेजरी से जुड़े मामले में ट्रायल तेज होने से उनकी मुश्किलें बढ़ती दिख रही है.

 

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