Friday , 7 May 2021

दम तोड़ रही ग्रीन कार्ड योजना

जबलपुर, 19 जनवरी . परिवार नियोजन के लिए शासन द्वारा शुरू की गई ग्रीन कार्ड योजना जानकारी के अभाव में दम तोड़ती नजर आ रही है. लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 26 जनवरी 1985 को शुरू की गई यह योजना अब कागजों में दम तोड़ती दिख रही है.

दो बच्चो के बाद नसबंदी कराने वाले दंपति को इस योजना के तहत कई लाभ दिए जाने थे, जिनका प्रचार-प्रसार सही नहीं होने के कारण लोगों तक इसकी जानकारी नहीं पहुंच पा रही है, नतीजा जिस मकसद से योजना शुरू की गई वह सार्थक होती नहीं दिख रही है.

दो संतान बाद परिवार नियोजन अपनाने वाले दंपति को दिए जाने वाले इस ग्रीन कार्ड में शासन द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया है. मसलन इस कार्ड के आधार पर मेडीकल-इंजीनियिंरग कालेज में प्रवेश होने पर फीस में छूट सहित अन्य सुविधाएं दी जाती हैं.ग्रीन कार्ड बनवाने वाले सरकारी कर्मचारी को तो दो इंक्रीमेंट भी दिए जाते थे. नौकरशाही के चलते इसका प्रचार नहीं होने से लोगों तक यह जानकारी नहीं पहुंच सकी.

यह हैं सुविधाएं……………..

दंपति, बच्चों को चिकित्सा सुविधा, नि:शुल्क दवाएं
शासकीय नियुक्ति में 2 वर्ष की आयु वृद्धि
आरक्षण में प्राथमिकता, साक्षात्कार में 5 प्रतिशत अंक
शा. मेडीकल इंजीनियरिंग कालेज में शिक्षण शुल्क माफ
फुटकर विक्रेता को लाइसेंस में प्राथमिकता
कंट्रोल रेट में सीमेंट, पशुपालन में प्राथमिकता
आवासीय प्लाट आवंटन में प्राथमिकता

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