
New Delhi, 4 जुलाई . Bollywood में हर साल कई नए चेहरे आते हैं. कुछ देखते ही देखते सुपरस्टार बन जाते हैं तो कुछ अच्छी शुरुआत के बावजूद भीड़ में कहीं खो जाते हैं. जायद खान उन सितारों में शामिल हैं जिन्होंने बड़े सपनों और शानदार लॉन्च के साथ फिल्मी दुनिया में कदम रखा, लेकिन सफलता उनके साथ ज्यादा दूर तक नहीं चल सकी.
5 जुलाई 1980 को Mumbai में जन्मे जायद खान के परिवार का Bollywood से गहरा नाता रहा है. उनके पिता संजय खान मशहूर Actor, निर्माता और निर्देशक रहे हैं, जबकि दिग्गज Actor फिरोज खान उनके अंकल थे. फरदीन खान उनके चचेरे भाई हैं और उनकी बहन सुजैन खान की शादी Actor ऋतिक रोशन से हुई थी. बचपन से ही जायद के आसपास फिल्मों का माहौल था. उन्होंने लंदन फिल्म एकेडमी से फिल्म मेकिंग की पढ़ाई भी की, लेकिन फिल्मी परिवार और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के बावजूद उनका एक्टिंग करियर कुछ खास नहीं रहा.
साल 2003 में जायद ने फिल्म ‘चुरा लिया है तुमने’ से Bollywood में कदम रखा. फिल्म में उनके साथ ईशा देओल थीं, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई. ऐसे में जायद को भी वह पहचान नहीं मिली, जिसकी उन्हें उम्मीद थी.
उनकी किस्मत बदली साल 2004 में, जब उन्हें फराह खान की फिल्म ‘मैं हूं ना’ मिली. इस फिल्म में शाहरुख खान, सुष्मिता सेन, अमृता राव और सुनील शेट्टी जैसे बड़े सितारे थे. जायद ने इसमें शाहरुख खान के छोटे भाई लक्ष्मण प्रसाद शर्मा (लकी) का किरदार निभाया था. उनका बेफिक्र अंदाज, कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को काफी पसंद आई. फिल्म सुपरहिट रही और पहली बार जायद को देशभर में पहचान मिली.
‘मैं हूं ना’ मिलने के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है. जायद ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि वह फराह खान से अपनी पहली फिल्म के एक गाने की कोरियोग्राफी के सिलसिले में मिलने गए थे. उसी दौरान फराह ने उन्हें अपनी अगली फिल्म के लिए सोचा. बाद में जब शाहरुख खान उनसे मिले तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूछा, “भाई, तुझे एक्टिंग तो आती है ना?” जायद ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, “मैं एक्टिंग फैमिली से हूं, एक्टिंग मेरे खून में है.” यही मुलाकात उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बन गई.
‘मैं हूं ना’ की सफलता के बाद ऐसा लगने लगा था कि जायद खान Bollywood के अगले बड़े स्टार बन सकते हैं, लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था. इसके बाद आई उनकी कई फिल्में, जैसे ‘वादा’, ‘शब्द’, ‘रॉकी’, ‘कैश’, ‘स्पीड’ और ‘ब्लू’, बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं. हालांकि ‘दस’ और ‘युवराज’ जैसी फिल्मों में उनके काम की तारीफ हुई, लेकिन इन फिल्मों का पूरा श्रेय दूसरे बड़े सितारों को मिला और जायद एक बार फिर पीछे रह गए.
धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों में कम मौके मिलने लगे. आखिरकार 2015 के बाद उन्होंने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली. हालांकि, उन्होंने 2011 में अपनी प्रोडक्शन कंपनी फ्री एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी. इस बैनर तले बनी फिल्म ‘लव ब्रेकअप्स जिंदगी’ भी बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही.
आज जायद खान बड़े पर्दे से भले ही दूर हों, लेकिन वह एक लग्जरी लाइफस्टाइल जीते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश किया है और बिजनेस पर भी ध्यान दे रहे हैं. social media पर भी वह समय-समय पर अपनी लाइफ और परिवार से जुड़ी तस्वीरें साझा करते रहते हैं.
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पीआईएम/डीकेपी