
New Delhi, 18 अगस्त . प्रत्येक वर्ष 19 अगस्त को विश्व मानवतावादी दिवस मनाया जाता है, जिसे विश्व मानवीय दिवस भी कहा जाता है. विश्व मानवीय दिवस मनाने का उद्देश्य उन लोगों को याद, नमन और सम्मानित करना है, जिन्होंने युद्ध, संकट, महामारी और आपदाओं के बीच मानवता की सेवा करने के मकसद से अपने प्राणों का बलिदान दे दिया. यह दिन उन्हीं कार्यकर्ताओं और राहतकर्मियों को याद और नमन करने से जुड़ा है.
बहुत लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर 19 अगस्त के दिन ही विश्व मानवीय दिवस क्यों मनाया जाता है, किसी और दिन इसे क्यों नहीं मनाया जाता.
दरअसल, वर्ष 2003 में 19 अगस्त के दिन ही इराक की राजधानी बगदाद स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय (कैनाल होटल) पर एक बड़ा आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें 22 मानवीय सहायता कर्मियों की मौत हो गई थी.
इस भीषण बम हमले में 22 मानवीय सहायता कर्मियों सहित इराक के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि सर्जियो विएरा डी मेलो भी मारे गए थे. इस घटना के पांच वर्ष बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2008 में 19 अगस्त को विश्व मानवतावादी दिवस के रूप में मनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया. उसके बाद से प्रत्येक वर्ष 19 अगस्त को विश्व मानवीय दिवस के रूप में मनाया जाता है.
इस दिन उन सभी बहादुर कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाता है, जो युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं, महामारी और हिंसा के बीच लोगों की जान बचाने का जोखिम अपने आप को न्योछावर करके उठाते हैं.
विश्व मानवीय दिवस का मुख्य लक्ष्य दुनिया भर में मानवीय सहायता गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाना है. इस दिन मुख्य रूप से सहायता कर्मियों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया जाता है.
इस दिन सहायता कर्मियों के बलिदान को याद करने के साथ संकटग्रस्त लोगों की सुरक्षा की मांग उठाई जाती है. इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं और वैश्विक स्तर पर मानवता के लिए काम करने वालों को सम्मानित किया जाता है.
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डीके/एबीएम