
New Delhi, 21 अगस्त . New Delhi में रूस-India अंतर-Governmentी सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग आयोग के योजना कार्य समूह की बैठक हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने सशस्त्र बलों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.
India में रूसी दूतावास ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर बताया कि 20-21 अगस्त को New Delhi में रूस-India अंतर-Governmentी सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग आयोग के योजना कार्य समूह की बैठक हुई. दोनों पक्षों ने मौजूदा साल के लिए संयुक्त गतिविधि योजना के नतीजों की समीक्षा की, 2027 के लिए उपाय तय किए और दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.
इससे पहले इस महीने, New Delhi में पांचवीं भारत-रूस आर्मी लैंड सिस्टम सब-ग्रुप (एएलएसएसजी) बैठक के दौरान India और रूस ने आपसी विश्वास बढ़ाने और रक्षा औद्योगिक व तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराया.
4-7 अगस्त तक चली चार दिन की यह बैठक भारत-रूस अंतर-Governmentी सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग आयोग (आईआरआईजीसी-एम और एमटीसी) के तहत आयोजित की गई थी, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना था.
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डीसीओएएस(सीडी और एस) लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह ने किया. रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रूसी संघ के रक्षा मंत्रालय के मुख्य बख्तरबंद निदेशालय के उप प्रमुख मेजर जनरल तुफेकची अलेक्जेंडर ने किया.
7 अगस्त को व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर अंतर-Governmentी आयोग के तहत आधुनिकीकरण और औद्योगिक सहयोग पर भारत-रूस कार्य समूह के 12वें सत्र में, India और रूस रेलवे परिवहन, मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी), एसजे-100 रीजनल विमानों और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए.
रेलवे परिवहन में सहयोग के नए क्षेत्रों जैसे बुनियादी ढांचा सुविधाओं, वंदे India ट्रेन परियोजना और सिग्नलिंग उपकरणों पर चर्चा की गई. इसके अलावा, मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी), 3-डी प्रिंटिंग, रूसी रीजनल विमान एसजे-100 (जो 103 यात्रियों को ले जाने में सक्षम नैरो-बॉडी जेट है) के उत्पादन और एयरो-इंजन में सहयोग पर भी चर्चा हुई.
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एससीएच