प्रयागराज : स्किल इंडिया मिशन से महिलाओं को मिल रही सशक्त पहचान, आरसेटी के प्रशिक्षण से बन रहीं आत्मनिर्भर

प्रयागराज, 2 जून . ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य Governmentें विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है. इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाने का काम ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा किया जा रहा है, जहां महिलाओं को विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है.

आरसेटी में महिलाओं और युवतियों को न केवल विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है, बल्कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है. संस्थान का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षुओं को इस योग्य बनाना है कि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें. Prime Minister के ‘स्किल इंडिया’ विजन के तहत आरसेटी का प्रमुख फोकस स्किल डेवलपमेंट और सेल्फ एंप्लॉयमेंट यानी स्वरोजगार को बढ़ावा देना है.

संगम नगरी प्रयागराज स्थित आरसेटी केंद्र में वर्तमान समय में 35 दिवसीय ‘जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर’ (लघु उद्यमी) प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. इस प्रशिक्षण में 33 महिला अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाएं अपने घर से ही ब्यूटी सेवाएं प्रदान कर सकती हैं या स्वयं का ब्यूटी पार्लर खोलकर रोजगार शुरू कर सकती हैं.

इस केंद्र की एक विशेषता यह भी है कि यहां बाहर से आने वाली प्रशिक्षुओं के लिए रहने की व्यवस्था उपलब्ध है. साथ ही, जो महिलाएं संस्थान में रुकती हैं, उनके कौशल को और बेहतर बनाने के लिए विशेष नाइट क्लासेज का भी संचालन किया जाता है. यह पहल ग्रामीण परिवेश की महिलाओं और बेटियों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर प्रदान कर रही है.

आरसेटी की प्रशिक्षक रीना कुशवाहा ने बताया कि ‘जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर’ प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क है और इसका उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है. Prime Minister Narendra Modi का विजन महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें स्किल इंडिया अभियान के तहत सशक्त बनाने का है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया जाता है.

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद अक्सर अभ्यर्थियों के सामने वित्तीय संसाधनों की चुनौती आती है. ऐसे में संस्थान की ओर से उन्हें Chief Minister युवा योजना और Prime Minister मुद्रा योजना के तहत ऋण प्राप्त करने में सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वे अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें.

रीना कुशवाहा ने से बातचीत में बताया कि ‘जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर’ प्रशिक्षण कार्यक्रम 35 दिनों का है और इसमें 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगार लोगों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है. उनका कहना है कि यह कार्यक्रम केवल कौशल सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशिक्षुओं को रोजगारोन्मुख बनाकर आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर करना है.

प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने भी इस पहल की सराहना की. उनका कहना है कि आज महिलाएं पहले की तुलना में अधिक आत्मनिर्भर बन रही हैं और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं. प्रशिक्षुओं के अनुसार, वर्तमान Government की योजनाओं ने महिलाओं को अपने हुनर को पहचानने और उसे रोजगार में बदलने का अवसर प्रदान किया है.

प्रशिक्षण ले रही उर्मिला पटेल और पुष्पा ने बताया कि सिलाई और ब्यूटीशियन जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं. प्रशिक्षण के बाद महिलाएं स्वयं का रोजगार शुरू कर आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन रही हैं. पहले ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए इस प्रकार के अवसर सीमित थे, लेकिन अब Governmentी योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से वे आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं.

एएसएच/एबीएम

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