
वाशिंगटन, 25 जुलाई . व्हाइट हाउस ने Friday (स्थानीय समय) को फिर से कहा कि President डोनाल्ड ट्रंप को उम्मीद है कि सऊदी अरब, इजरायल के साथ संबंध सामान्य करेगा. इसके साथ ही व्हाइट हाउस ने उम्मीद जताई कि सऊदी अरब प्रस्तावित नागरिक परमाणु समझौता को लेकर बड़ी समझ के हिस्से के तौर पर अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी Government इस मुद्दे को अपनी मध्य-पूर्व रणनीति का केंद्र मानता है.
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि President डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब से साफ कर दिया है कि इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य बनाना और अब्राहम समझौते में शामिल होना उनकी प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल है.
मिलर ने कहा, “President ने सऊदी अरब के सामने न सिर्फ इस कार्यकाल में, बल्कि पहले से ही यह स्पष्ट कर दिया है कि इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने और अब्राहम समझौते में शामिल होने को लेकर उनकी क्या अपेक्षाएं, समय-सीमा और प्रतिबद्धताएं हैं.”
उनकी यह टिप्पणी उस सवाल के जवाब में आई कि ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट की घोषणा से अलग सऊदी अरब के साथ परमाणु समझौते को इजरायल से संबंध सामान्य करने की शर्त से क्यों जोड़ा गया.
हालांकि मिलर ने इस प्रक्रिया के क्रम (सीक्वेंसिंग) पर सीधे जवाब नहीं दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि President ट्रंप के पास सऊदी नेतृत्व और उसकी दीर्घकालिक रणनीतिक सोच की गहरी समझ है.
उन्होंने कहा, “President ट्रंप से बेहतर आज कोई भी अमेरिकी सऊदी अरब की सोच, वहां के प्रमुख नेताओं और दोनों देशों के रिश्तों की प्रकृति को नहीं समझता.”
मिलर ने कहा कि ट्रंप का रियाद के साथ जुड़ाव 2017 में सऊदी अरब की राजधानी में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण से शुरू हुआ था और उन्होंने क्षेत्र में सऊदी अरब की भूमिका को मजबूत करने में अहम योगदान दिया.
उन्होंने कहा, “अगर आप देखें कि आज सऊदी अरब किस स्थिति में है, तो 2017 के रियाद भाषण से लेकर क्षेत्र में हिंसक आतंकवाद के खिलाफ उसे मजबूत सहयोगी बनाने तक President ट्रंप ने सऊदी अरब को क्षेत्रीय स्थिरता के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक बनाने में मदद की है.”
मिलर ने यह भी कहा कि President ट्रंप सऊदी अरब की रणनीतिक सोच और उसके भविष्य की योजनाओं को पूरी तरह समझते हैं.
मिलर ने कहा, “हमें यह मानकर चलना चाहिए और भरोसा रखना चाहिए कि President ट्रंप अच्छी तरह जानते हैं कि क्या करना है और कैसे करना है, ताकि अंततः ऐसा ऐतिहासिक बदलाव हासिल किया जा सके, जो पहले से कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहे इस क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगा.”
इसी बातचीत के दौरान मिलर ने निकारागुआ की भी आलोचना की, जहां President डैनियल ओर्टेगा की Government ने प्रतिस्पर्धी चुनावों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाया है.
उन्होंने कहा, “हाल के समय में एक बात बार-बार कही जा रही है कि आप मतदान के जरिए समाजवाद या साम्यवाद को सत्ता में ला सकते हैं, लेकिन मतदान के जरिए उसे सत्ता से बाहर नहीं कर सकते. दुर्भाग्य से निकारागुआ इसका एक उदाहरण है.”
मिलर ने आरोप लगाया कि समाजवादी और साम्यवादी दल चुनावी प्रक्रिया का इस्तेमाल सत्ता हासिल करने के लिए करते हैं और बाद में Political स्वतंत्रताओं पर अंकुश लगा देते हैं.
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो पहले ही इस मुद्दे पर अमेरिका की नीति स्पष्ट कर चुके हैं. साथ ही उन्होंने दावा किया कि ट्रंप Government की व्यापक “शील्ड ऑफ द अमेरिका” रणनीति लैटिन अमेरिका में बदलते भू-Political परिदृश्य को दर्शाती है.
मिलर ने कहा, “पश्चिमी गोलार्ध इस समय एक बड़े Political पुनर्संतुलन के दौर से गुजर रहा है. यह बदलाव अमेरिका, पश्चिमी देशों और President ट्रंप की ओर झुकाव को दिखाता है.”
मिलर के अनुसार, इस इलाके के कई देशों में चुनी हुई Governmentें थीं, जो ट्रंप की “सुरक्षा और खुशहाली की रणनीति” से जुड़ी थीं.
घरेलू पॉलिटिक्स को लेकर मिलर ने सेव अमेरिका एक्ट पर कानूनी बातचीत को लेकर टिप्पणी करने से मना कर दिया और सवालों को व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ लेजिस्लेटिव अफेयर्स को भेज दिया.
हालांकि, उन्होंने कानून को लेकर President ट्रंप की बात दोहराई और कहा, “वह सेव अमेरिका एक्ट के पास होने को लेकर अपनी उम्मीदों को लेकर बिल्कुल, स्पष्ट तौर पर क्लियर रहे हैं.”
Friday रात के व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर, मिलर ने कंफर्म किया कि वह (अमेरिकी President) मौजूद रहेंगे और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सराहना की.
उन्होंने कहा, “मैं कानून प्रवर्तन का बहुत शुक्रगुजार हूं. सीक्रेट सर्विस का बहुत शुक्रगुजार हूं, जहां हम मस्ती कर सकते हैं, कुछ जोक्स सुना सकते हैं और एक अच्छी, मजेदार रात बिता सकते हैं.”
सऊदी सिविल न्यूक्लियर बातचीत ट्रंप की मिडिल ईस्ट डिप्लोमेसी के सबसे करीबी हिस्सों में से एक बनकर उभरी है. उनके पहले कार्यकाल के दौरान, अब्राहम अकॉर्ड्स की वजह से इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मोरक्को और सूडान के बीच संबंध सामान्य हुए, जिससे क्षेत्रीय डिप्लोमेसी को नया रूप मिला. एक के बाद एक अमेरिकी Government ने सऊदी द्वारा इजरायल को मान्यता देने को अकॉर्ड्स का सबसे अहम बचा हुआ विस्तार माना है.
–
केके/एएस