
New Delhi, 6 जुलाई . मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने India Government को आश्वासन दिया है कि Government के साथ चल रही बातचीत पूरी होने तक वह देश में अपने प्रस्तावित ‘यूजरनेम फीचर’ को लॉन्च नहीं करेगा.
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, केंद्र Government ने व्हाट्सएप को इस फीचर को लेकर जारी नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय भी दिया है. कंपनी को पहले Friday तक जवाब देना था, लेकिन अब उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कुछ और समय मिल गया है.
व्हाट्सएप इस नए फीचर के जरिए यूजर्स को बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए केवल यूजरनेम के माध्यम से बातचीत करने की सुविधा देना चाहता है.
हालांकि, केंद्र Government ने पिछले सप्ताह कंपनी को औपचारिक नोटिस जारी कर इस फीचर पर चिंता जताई थी. Government का मानना है कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग और फर्जी पहचान (इम्पर्सोनेशन) जैसी साइबर अपराधों का खतरा बढ़ सकता है. इसी कारण Government ने व्हाट्सएप से कहा है कि सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा पूरी होने तक इस फीचर को लागू न किया जाए.
इसी सिलसिले में Friday को मेटा के एक प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस विषय पर विस्तार से चर्चा की.
इस सप्ताह की शुरुआत में व्हाट्सएप ने कहा था कि यूजरनेम फीचर में कई सुरक्षा उपाय पहले से शामिल किए गए हैं, ताकि फर्जी पहचान, धोखाधड़ी और अनचाहे संपर्क जैसी समस्याओं से बचा जा सके. कंपनी का कहना है कि इस फीचर को इस वर्ष के अंत तक वैश्विक स्तर पर चरणबद्ध तरीके से लॉन्च करने की योजना है.
Government की ओर से उठाई गई चिंताओं के बाद व्हाट्सएप ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर यूजरनेम फीचर से जुड़े कई सवालों के जवाब भी दिए थे.
कंपनी ने स्पष्ट किया कि किसी भी यूजर के लिए यूजरनेम बनाना अनिवार्य नहीं होगा. इसके अलावा, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पहले से मौजूद यूजरनेम, सार्वजनिक हस्तियों, सेलिब्रिटीज, Governmentी संस्थानों और मेटा वेरिफाइड अकाउंट्स के यूजरनेम पहले से सुरक्षित रखे जाएंगे, ताकि उन्हें केवल उनके वास्तविक मालिक ही इस्तेमाल कर सकें.
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डीबीपी