बिदादी टाउनशिप विवाद: शिवकुमार से बहस पर बोले कुमारस्वामी- किसानों के बिना बैठक का क्या मतलब?

Bengaluru, 23 जून . Bengaluru के पास प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर जारी विवाद के बीच Union Minister एचडी कुमारस्वामी ने Tuesday को Chief Minister डीके शिवकुमार के चर्चा निमंत्रण पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रभावित किसानों और अन्य हितधारकों की मौजूदगी के बिना बैठक का क्या मतलब है.

वहीं, Chief Minister शिवकुमार ने कुमारस्वामी की मांगों पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वह इस विषय पर बाद में बात करेंगे.

बता दें कि कुमारस्वामी ने Monday को बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर Chief Minister शिवकुमार को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी.

इस चुनौती को स्वीकार करते हुए शिवकुमार ने कुमारस्वामी को 26 जून को विधान सौधा में चर्चा के लिए आमंत्रित किया और उनसे पांच सदस्यीय टीम के साथ आने को कहा.

इसके जवाब में कुमारस्वामी ने सुझाव दिया कि बैठक 27 जून को परियोजना प्रभावित क्षेत्र में आयोजित की जाए और इसमें स्थानीय हितधारकों तथा प्रभावित लोगों को भी शामिल किया जाए.

Bengaluru में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कुमारस्वामी ने कहा कि किसान पिछले लगभग 450 दिनों से इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं और भूमि मालिकों की सहमति को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है.

उन्होंने कहा, “Government दावा कर रही है कि 80 प्रतिशत किसानों ने परियोजना के लिए सहमति दे दी है, लेकिन 80 से 90 प्रतिशत किसान कह रहे हैं कि उन्होंने कोई सहमति नहीं दी. इस मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं.”

कुमारस्वामी ने कहा कि Chief Minister ने उन्हें चर्चा के लिए बुलाया है और पांच लोगों की टीम के साथ आने को कहा है.

उन्होंने कहा, “Chief Minister ने मुझे पांच लोगों की टीम के साथ आने को कहा, लेकिन मेरी केवल एक ही टीम है और वह है किसान.”

Union Minister ने बताया कि उन्होंने Chief Minister को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि प्रस्तावित चर्चा में प्रभावित किसानों और अन्य हितधारकों को भी शामिल किया जाए. उन्होंने कहा, “मैंने Chief Minister को पत्र भेजा है. अब देखते हैं कि वह इसका क्या जवाब देते हैं.”

26 जून को बैठक में शामिल होने की उपलब्धता के बारे में पूछे जाने पर कुमारस्वामी ने कहा कि उस दिन सुबह से शाम तक उनके कई कार्यक्रम पहले से तय हैं, इसलिए उन्होंने बैठक 27 जून की सुबह किसी भी सुविधाजनक समय पर आयोजित करने का अनुरोध किया है.

उन्होंने कहा, “26 जून को विभिन्न शहरों और गांवों में मेरे कई कार्यक्रम निर्धारित हैं. इसी कारण मैंने Chief Minister से 27 जून की सुबह बैठक बुलाने का अनुरोध किया है.”

कुमारस्वामी ने एक बार फिर प्रभावित लोगों और हितधारकों की मौजूदगी में सार्वजनिक चर्चा की मांग दोहराई.

उन्होंने कहा, “मैंने सार्वजनिक बहस और प्रभावित लोगों के प्रतिनिधित्व की मांग की है. अब देखना होगा कि इस मांग को स्वीकार किया जाता है या नहीं.”

राज्य Government की मंशा पर सवाल उठाते हुए कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि यह निमंत्रण केवल औपचारिकता निभाने के लिए दिया गया है.

उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि सिर्फ यह दिखाने के लिए निमंत्रण दिया गया है कि बैठक की पेशकश की गई है. असली सवाल यह है कि यदि प्रभावित लोग मौजूद नहीं होंगे तो चर्चा किस बात की होगी? मेरे लिए यह प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. Government चाहे तो कभी भी हितधारकों को शामिल कर सकती है.”

उन्होंने विधान सौधा में बैठक आयोजित करने की आवश्यकता पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि कांग्रेस Government जनता के हितों के बजाय अपने हितों के लिए काम कर रही है.

कुमारस्वामी ने कहा, “विधान सौधा में बैठक करने की क्या जरूरत है? जब हम सत्ता में थे तब कांग्रेस नेताओं ने इसी मुद्दे पर हमारी Government की आलोचना की थी. आज उनका रवैया अलग है. यह Government राज्य के हितों के बजाय अपने हितों के लिए चलाई जा रही है.”

एएमटी/डीकेपी

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