
तेहरान, 13 अगस्त . ईरान ब्रिक्स के सेंट्रल बैंक गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती ने कहा है कि ईरान जल्द ही ब्रिक्स देशों के बनाए न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) में शामिल होगा.
Governmentी मीडिया ने Wednesday को हेम्मती के हवाले से यह जानकारी दी. यह बयान India में हो रही ब्रिक्स वित्त बैठक से पहले दिया गया था. jaipur में 12-13 अगस्त तक ब्रिक्स वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) का आयोजन किया गया.
हालांकि, रॉयटर्स के अनुसार, न्यू डेवलपमेंट बैंक के कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस विभाग ने ईरान के जल्द बैंक में शामिल होने की जानकारी की पुष्टि नहीं की है.
न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना 2015 में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने की थी. बैंक का उद्देश्य बुनियादी ढांचे और सतत विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए वित्त उपलब्ध कराना है.
समय के साथ बैंक ने अपनी सदस्यता का विस्तार किया है और संयुक्त अरब अमीरात तथा मिस्र समेत कई अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाएं भी इसमें शामिल हुई हैं.
ईरान वर्ष 2024 में ब्रिक्स समूह में शामिल हुआ था. न्यू डेवलपमेंट बैंक में उसकी संभावित सदस्यता से ईरान को बहुपक्षीय विकास वित्त के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध हो सकते हैं और ब्रिक्स के साथ उसकी आर्थिक भागीदारी और मजबूत हो सकती है.
ईरान पर अमेरिकी और इंटरनेशनल पाबंदियां लगी हुई हैं. अमेरिका- इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए कोशिशें तो बहुत हुईं लेकिन अल्पविराम के बाद तल्खी बरकरार है. संघर्ष को खत्म करने के लिए अभी तक कोई स्थायी शांति समझौता नहीं हुआ है और इसी वजह से तेहरान को डॉलर-बेस्ड सिस्टम के बाहर दूसरे फाइनेंशियल चैनल तलाश करने की जरूरत महसूस हुई है.
ईरान की फ्रीज संपत्तियों का मुद्दा तेहरान और वाशिंगटन के बीच जून में समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी थी. यह समझौता तब से टूट गया है. अमेरिका और दूसरी Governmentों ने दशकों से ईरानी एसेट्स को “फ्रीज” उपायों के तहत रखा है.
वाशिंगटन ने पहली बार 1979 में तेहरान में अमेरिकी दूतावास में अमेरिकी बंधकों को पकड़ने के बाद ईरानी फंड्स को फ्रीज किया था.
अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने Tuesday को ही कहा कि ईरान उधार लेने के लिए जूझ रहा है और दावा किया कि उनकी संपत्ति पर यूएस का नियंत्रण है. ट्रंप ने कहा, “मैं उनका बैंकर हूं.”
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केआर/