8वीं भारत-इंडोनेशिया आयोग की बैठक में सुरक्षा, व्यापार और निवेश समेत अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा

New Delhi, 7 जून . India के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने Sunday को इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो के साथ 8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक (जेसीएम) की सह-अध्यक्षता की.

विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय संबंधों के पूर्ण स्पेक्ट्रम की समीक्षा की और Political, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री, व्यापार और निवेश, फार्मा और स्वास्थ्य देखभाल, डिजिटल, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, अंतरिक्ष, शिक्षा, कांसुलर और संस्कृति डोमेन और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की.

मंत्रियों ने कहा कि इंडोनेशिया के President प्रबोवो सुबियान्टो और India के Prime Minister Narendra Modi के बीच हुई बातचीत ने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति दी है. दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई इस बातचीत में जनवरी 2025 में President सुनियान्टो के India के राजकीय दौरे के दौरान हुई बातचीत भी शामिल है.

दोनों पक्षों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर विचारों का आदान-प्रदान किया और क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर अधिक निकट सहयोग और समन्वय के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की.

मंत्रियों ने आपसी संबंधों में हो रही बढ़ोतरी का स्वागत किया और अगली जॉइंट कमीशन मीटिंग जल्द ही आपसी सहमति से तय तारीख पर बुलाने पर सहमत हुए.

इंडोनेशिया, India की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का एक अहम हिस्सा है. गहरे नागरिक संबंधों पर आधारित, भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी, सहयोग के मौजूदा और नए क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रही है.

सुगिओनो ने कहा, “Prime Minister Narendra Modi की आगामी इंडोनेशिया यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं.” उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच सहयोग को ठोस परिणामों तक ले जाने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया.

विदेश मंत्री जयशंकर ने भी बैठक के बाद social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “भारत-इंडोनेशिया साझेदारी हाल के वर्षों में मजबूत और बहुआयामी हुई है. दोनों देशों ने Political, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, फिनटेक, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में ठोस प्रगति पर चर्चा की है.”

बैठक के दौरान क्षेत्रीय घटनाक्रमों और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श हुआ, विशेष रूप से भारत-आसियान संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया.

India और इंडोनेशिया के बीच संयुक्त आयोग तंत्र की स्थापना 2001 में एक समझौता ज्ञापन के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद को संस्थागत रूप देना है.

केके/डीकेपी

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