अगले एकदिवसीय विश्व कप में शायद ही कप्तान रहे विराट – Daily Kiran
Sunday , 24 October 2021

अगले एकदिवसीय विश्व कप में शायद ही कप्तान रहे विराट

नई दिल्ली (New Delhi) . टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली की एकदिवसीय टीम की कप्तानी पर खतरा मंडरा रहा है. विराट ने गुरुवार (Thursday) को ही टी20 प्रारुप की कप्तानी छोड़ने की घोषणा की थी, साथ ही कहा था कि अब वह अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देंगे पर अब कहा जा रहा है कि एकदिवसीय में भी उन्हें टी20 जैसी ही परेशानी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि वहां भी उनकी बल्लेबाजी पहले जैसी नहीं रही है. कोहली ने कहा है कि वह अन्य दो प्रारूपों में कप्तान बने रहेंगे लेकिन कोई भी स्पष्ट तौर पर यह नहीं कह सकता कि वह साल 2023 में होने वाले विश्व कप में भारत की 50 ओवर की टीम के कप्तान होंगे या नहीं. काम के बोझ का प्रबंधन टी20 कप्तानी छोड़ने के लिए बिलकुल स्वीकार्य कारण है पर अगर 2023 तक भारत के कार्यक्रम को देखा जाए तो विश्व कप के अलावा टीम को लगभग 20 द्विपक्षीय टी20 मुकाबले ही खेलने हैं. बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, ‘विराट को पता है कि अगर टीम यूएई में टी20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन नहीं करती है तो उन्हें सीमित ओवरों की कप्तान से हटाया जा सकता था. जहां तक सीमित ओवरों की कप्तानी का सवाल है तो उसने हटकर अच्छा ही किया है.’

उन्होंने कहा, ‘उसने अपने ऊपर से थोड़ा दबाव कम किया है क्योंकि ऐसा लग रहा है कि वह अपनी शर्तों पर यह काम कर रहा था. अगर टी20 में प्रदर्शन में गिरावट आती है तो शायद 50 ओवर में प्रारूप में ऐसा नहीं हो.’ बीसीसीआई अगर निकट भविष्य में कोहली से 50 ओवर के प्रारूप की कप्तानी भी ले लेता है तो इसमें किसी को हैरान नहीं होना चाहिये. टी20 विश्व कप में ट्रॉफी जीतने में विफल रहने के बाद कोहली को 50 ओवर में प्रारूप में भी बल्लेबाज के रूप में ही उतरना पड़ सकता है. इसमें कोई संदेह नहीं कि ड्रेसिंग रूम में भी उप कप्तान रोहित शर्मा को ‘नेतृत्वकर्ता’ माना जाता है जिन्होंने युवा खिलाड़ियों को साथ लेकर चलना सीख लिया है और वह इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई (Mumbai) इंडियन्स के साथ साल दल साल ऐसा करते आए हैं. कोहली को पिछले कुछ समय से ड्रेसिंग रूप में पूर्ण समर्थन हासिल नहीं है. इसका कारण उनकी कार्यशैली में लचीलापन नहीं होना है. साउथम्पटन में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में दो स्पिनरों के साथ उतरना हो या 2019 विश्व कप से पहले चौथे स्थान पर किसी खिलाड़ी को स्थापित नहीं होने देना, उनके अंदर लचीलेपन की कमी देखने को मिलती है. भारत ने इंग्लैंड में टेस्ट श्रृंखला में भले ही 2-1 की बढ़त बनाई हो लेकिन दुनिया के नंबर एक आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को नहीं खिलाने के फैसले पर सवाल उठते हैं.

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