
New Delhi, 17 जुलाई . अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि उसकी सेना ने ईरान के चाबहार स्थित शहीद कलांतरी बंदरगाह के एक निगरानी टावर को नष्ट कर दिया है. यह कार्रवाई ईरान की समुद्री निगरानी और हमलों के समन्वय की क्षमता को कमजोर करने के लिए की गई.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, ”16 जुलाई को अमेरिकी बलों ने चाबहार के शहीद कलांतरी बंदरगाह पर मौजूद निगरानी टावर को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया. यह टावर ईरान के ओमान की खाड़ी वाले तट पर फैले समुद्री निगरानी नेटवर्क का हिस्सा था. अमेरिकी पक्ष के अनुसार, इस नेटवर्क का इस्तेमाल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) कई दशकों से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर नजर रखने और उन्हें निशाना बनाने के लिए करता रहा है.”
अमेरिकी पक्ष के अनुसार, इस टावर के नष्ट होने से आईआरजीसी की आम नागरिक चालक दल (क्रू) के सदस्यों पर हमलों का समन्वय करने की क्षमता सीधे तौर पर कमजोर हुई है. इसके अलावा अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्रीय समुद्री रास्तों पर ज्यादातर जहाजों के लिए सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही बनी रहेगी.
हालांकि यह बात उन जहाजों पर लागू नहीं होगी, जो अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ लागू की गई मौजूदा नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश करेंगे.
अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने भी Friday को इस हमले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की. हेगसेथ ने अमेरिकी बलों के हमले के बाद चाबहार के शहीद कलांतरी बंदरगाह पर मौजूद निगरानी टावर के गिरते हुए का फोटो साझा किया.
सेंटकॉम के अनुसार, पिछले हफ्ते अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के अप्रैल में हुए सीजफायर को खत्म करने की घोषणा के बाद अमेरिकी सेना ने लगातार छह दिनों तक ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं.
इससे पहले, अमेरिकी सेना ने बताया था कि उन्होंने अरब की खाड़ी में ईरानी पोर्ट की तरफ जाने की कोशिश कर रहे एक बिना माल वाले तेल टैंकर पर मिसाइलें दागीं और उसे नाकाम कर दिया.
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एवाई/वीसी