
Lucknow, 19 जुलाई . उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दिल्ली से एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है. वह ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक रैकेट चला रहा था, जिसमें फर्जी social media प्रोफाइल के जरिए भारतीय पुरुषों और महिलाओं को निशाना बनाया जाता था. आरोपी की पहचान 27 साल के ओबेस प्रॉस्पर के तौर पर हुई है.
एसटीएफ के मुताबिक, ओबेस प्रॉस्पर साउथ दिल्ली के राजू पार्क में मकान नंबर 2/10 में रह रहा था. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह 2023 में मेडिकल वीजा पर India आया था. वीजा की मियाद खत्म होने के बाद भी वह गैर-कानूनी तरीके से देश में ही रह रहा है.
एसटीएफ ने उसके पास से 5.085 किलोग्राम मेथामफेटामाइन के साथ-साथ पांच मोबाइल फोन और दो पासपोर्ट भी बरामद किए. अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है.
आरोपी ओबेस प्रॉस्पर अमेरिका या यूनाइटेड किंगडम का नागरिक बनकर एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क चलाता था. फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे social media प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके India और दूसरे देशों के युवा पुरुषों और महिलाओं से दोस्ती की और उनका भरोसा जीतता था.
इसके बाद आरोपी पीड़ितों से कहता था कि वह उन्हें महंगे तोहफे या विदेशी मुद्रा वाले पार्सल भेज रहा है. बाद में, खुद को अधिकारी बताकर या अपने साथियों के जरिए, पीड़ितों को बताया जाता था कि पार्सल को एयरपोर्ट पर कस्टम या इनकम टैक्स विभाग ने जब्त कर लिया है और उन्हें छुड़ाने के लिए टैक्स या दूसरे चार्ज देने होंगे. इस तरीके का इस्तेमाल करके गैंग ने कथित तौर पर पीड़ितों से लाखों रुपए ठगे.
ऐसे ही एक मामले में आरोपी ने कथित तौर पर फेसबुक के जरिए Lucknow के डालीगंज के एक युवक से दोस्ती की और उससे 68 लाख रुपए ठग लिए. एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस धोखाधड़ी को अंजाम देने में आरोपी उचेनवा ने भी मदद की थी.
इस घटना के सिलसिले में मदेहगंज Police स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था और एसटीएफ आरोपी की तलाश कर रही थी.
पूछताछ के दौरान ओबेस प्रॉस्पर ने बताया कि इस सिंडिकेट में कई अन्य सदस्य भी शामिल थे. उसने माना कि वीजा खत्म होने के बाद भी वह और उसके साथी गैर-कानूनी तरीके से India में रह रहे थे और अमेरिकी व ब्रिटिश नागरिक बनकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय और विदेशी नागरिकों से दोस्ती कर उन्हें ठगते थे.
अधिकारियों ने बताया कि 15 मई को एसटीएफ ने दिल्ली में प्रॉस्पर के एक साथी को गिरफ्तार किया था. इसके बाद एजेंसी को जानकारी मिली कि प्रॉस्पर ड्रग तस्करी में भी शामिल था. इस जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन में आरोपी प्रॉस्पर को गिरफ्तार कर लिया.
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ओपी/डीकेपी