केंद्रीय बजट विकसित भारत की ओर एक मजबूत कदम: देवेंद्र फडणवीस

Mumbai , 1 फरवरी . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Sunday को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया केंद्रीय बजट विकसित India की दिशा में एक मजबूत कदम है.

Lok Sabha में केंद्रीय बजट पेश होने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में Chief Minister ने कहा, “प्लान्ड शहरीकरण, इंडस्ट्री और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देकर, और इन्वेस्टमेंट और रोजगार पैदा करने के लिए ठोस कदम उठाकर, इस बजट ने एक मजबूत नींव रखी है. इंफ्रास्ट्रक्चर में 12 लाख करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट, खेती, पशुपालन, मछली पालन और सिंचाई के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “लखपति दीदी योजना की सफलता के बाद सिर्फ महिलाओं के लिए अलग मॉल और इंडस्ट्रियल मौके बनाने की योजना बहुत जरूरी है. हर जिले में हायर एजुकेशन ले रही लड़कियों के लिए हॉस्टल की योजना की घोषणा की गई है. जिला अस्पतालों में इमरजेंसी मेडिकल सुविधाएं स्थापित करने का फैसला हेल्थ सेक्टर के लिए बहुत कीमती साबित होगा.”

सीएम फडणवीस ने कहा, “Mumbai -पुणे और पुणे-हैदराबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर से जीडीपी में काफी बढ़ोतरी होगी. अगले पांच सालों में हर ग्रोथ हब को 5,000 करोड़ रुपए मिलेंगे, और इसका फायदा Mumbai मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर), पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन और नागपुर मेट्रोपॉलिटन ग्रोथ हब को मिलेगा.”

इससे पहले, बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच India की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने, विकास को बनाए रखने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तीन मुख्य ‘कर्तव्यों’ या जिम्मेदारियों की रूपरेखा बताई. उन्होंने कहा कि हमारी Government का ‘संकल्प’ गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों पर ध्यान केंद्रित करना है.

वित्त मंत्री ने अपने नौवें बजट में कहा कि Government का आर्थिक रोडमैप विकास में तेजी लाने, समावेशी विकास सुनिश्चित करने और संरचनात्मक सुधारों की गति बनाए रखने पर आधारित होगा.

उन्होंने कहा, “इसमें शामिल हैं: उत्पादकता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर आर्थिक विकास में तेजी लाना और उसे बनाए रखना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना, विकास को India की दीर्घकालिक समृद्धि की नींव के रूप में स्थापित करना और यह सुनिश्चित करके ‘सबका साथ, सबका विकास’ को आगे बढ़ाना कि सभी किसानों, समुदायों और धर्मों को संसाधनों और अवसरों तक समान पहुंच मिले, और विकास में व्यापक भागीदारी हो.”

पीएसके

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