केंद्र के दबाव में सीएम नीतीश कुमार ने भारी मन से राज्यसभा जाने का लिया फैसला: शक्ति यादव

Patna, 5 मार्च फरवरी . राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता शक्ति यादव ने दावा किया कि Chief Minister नीतीश कुमार ने अपनी इच्छा से राज्यसभा जाने का फैसला नहीं लिया, बल्कि उन पर केंद्र और भाजपा का दबाव था. एक घंटे तक बंद कमरे में मीटिंग हुई. भाजपा के दबाव में सीएम नीतीश कुमार ने भारी मन से राज्यसभा जाने का फैसला किया.

सीएम नीतीश कुमार ने Thursday को राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किया. इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि वे बिहार से राज्यसभा जाने के लिए तैयार हैं और यह फैसला उनका है.

सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर विपक्ष ने सवाल उठाए. राजद नेता शक्ति यादव ने कहा कि हमारी सहानुभूति नीतीश कुमार के साथ है. वे स्वस्थ रहें, हमारी कामना है, लेकिन यह फैसला सीएम नीतीश कुमार का नहीं है, बल्कि उन पर भाजपा और केंद्र ने जबरन दबाव डाला और राज्यसभा लेकर गए.

उन्होंने कहा कि राज्यसभा जाने के लिए इतनी हड़बड़ी क्यों थी. वे जब चाहते, तब जा सकते थे. बिहार विधानसभा चुनाव में जनता ने सीएम नीतीश कुमार के नाम पर जनादेश दिया था, और एनडीए ने नीतीश कुमार का चेहरा आगे किया था. सीएम राज्यसभा जा रहे हैं, इसे लेकर जदयू में गुस्सा है, और नीतीश कुमार के समर्थक इसे स्वीकार नहीं करेंगे.

राजद नेता ने आगे कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में पूरी भाजपा और जदयू ने जोर-शोर से नारा दिया था- ’25 से 30, फिर से नीतीश’. तो फिर बीच में ही नीतीश कुमार को ‘फिनिश’ क्यों कर दिया गया. तेजस्वी यादव ने पहले ही कह दिया था कि भाजपा, जदयू को पूरी तरह समाप्त कर देगी और नीतीश कुमार बजट सत्र भी पार नहीं कर पाएंगे. आज उनकी कही हुई एक-एक बात सच साबित हो गई है. सीएम नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाकर जबरन राज्यसभा जाने पर मजबूर कर दिया गया है. भाजपा के इस खेल से जदयू के अंदर भारी खौफ और गहरी नाराजगी है. पार्टी के नेता डरे-सहमे हैं और जमीनी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त रोष है. हालात स्पष्ट बता रहे हैं कि अस्तित्व के संकट से जूझ रही जदयू अब जल्द ही कई टुकड़ों में विभक्त हो जाएगी.

डीकेएम/डीकेपी

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