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Friday, 30 October 2026
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माओवादी बनकर दहशत फैलाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, गढ़चिरौली पुलिस ने बैनर-पर्चे मामले का किया खुलासा

माओवादी बनकर दहशत फैलाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, गढ़चिरौली Police ने बैनर-पर्चे मामले का किया खुलासा

गढ़चिरौली, 25 जुलाई . जिले में माओवाद के नाम पर लोगों में भय और दहशत फैलाने की कोशिश करने वाले दो आरोपियों को गढ़चिरौली Police ने गिरफ्तार किया है. Police के अनुसार, दोनों आरोपियों ने खुद को माओवादी बताकर क्षेत्र में बैनर और पर्चे लगाए थे. जांच के बाद Police ने कार्रवाई करते हुए दोनों पर कार्रवाई की.

गढ़चिरौली Police का कहना है कि जिले में माओवादी गतिविधियां अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं और Police रिकॉर्ड में वर्तमान में कोई भी सक्रिय माओवादी मौजूद नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में Police ने लगातार अभियान चलाकर माओवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है. इसी क्रम में चलाए गए ‘ऑपरेशन अंतिम प्रहार’ के तहत विशेष खोज अभियान संचालित किए गए, जिसके परिणामस्वरूप जिले में माओवादी प्रभाव को खत्म करने में सफलता मिली.

Police के मुताबिक, 12 जुलाई को कुछ अज्ञात लोगों ने पिपली बुर्गी थाना क्षेत्र में माओवादी संगठन से जुड़े होने का झूठा दावा करते हुए बैनर और पर्चे लगाए थे. इनका उद्देश्य आम नागरिकों में डर और भ्रम का माहौल पैदा करना था. घटना की सूचना मिलने के बाद Police ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की.

जांच के दौरान सामने आया कि पिपली बुर्गी थाना क्षेत्र से करीब 5 किलोमीटर दूर जिजावंडी टोला जाने वाले मार्ग पर गांव के दिशासूचक बोर्ड के नीचे लोहे के एंगल पर लाल रंग का कपड़े का बैनर लगाया गया था. इसके अलावा पास में पत्थर के नीचे और आसपास सफेद रंग के दो पोस्टर भी मिले थे. इन पर लिखे संदेशों के जरिए लोगों में भय पैदा करने का प्रयास किया गया था.

Police अधीक्षक एम. रमेश के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई. तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर Police ने मामले में शामिल दो आरोपियों की पहचान की. गिरफ्तार आरोपियों में शिवा अनिल मिस्त्री (48), निवासी तरुणनगर, तहसील पाखांजूर, जिला कांकेर (छत्तीसगढ़) और रोहित रंजीत मलिक (25), निवासी वटेली, तहसील एटापल्ली, जिला गढ़चिरौली शामिल हैं.

Police जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों ने माओवादी होने का झूठा माहौल बनाकर इलाके में डर फैलाने के उद्देश्य से बैनर और पर्चे लगाए थे. इस मामले में पिपली बुर्गी थाने में अपराध क्रमांक 01/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) और Maharashtra Police अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

Police ने बताया कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है. Police अधीक्षक ने कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों, झूठे प्रचार और भ्रामक गतिविधियों से सावधान रहें.

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एससीएच/एबीएम

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