दुर्गा पूजा पास घोटाला : बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के खिलाफ बीएनएस की सात धाराओं के तहत मामला दर्ज

कोलकाता, 29 अक्टूबर . कोलकाता Police ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और गायक से राजनेता बने इंद्रनील सेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की सात धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. उन्हें Wednesday को यूनेस्को-मान्यता प्राप्त उत्सव दौरों से जुड़े, दुर्गा पूजा के कथित फर्जी पास घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.
शहर के एक वरिष्ठ Police अधिकारी ने बताया कि लगाए गए आरोपों में धारा 316 (आपराधिक विश्वासघात), धारा 336(2) और 336(3) (धोखाधड़ी के लिए जाली दस्तावेज बनाना), धारा 338 (कीमती प्रतिभूतियों और अन्य विशिष्ट दस्तावेजों में जालसाजी), धारा 318 (धोखाधड़ी), धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), और धारा 340(2) (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली बताकर इस्तेमाल करना) शामिल हैं.
Police सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चला है कि 2022 से 2025 के बीच ‘मास आर्ट सोसाइटी’ के जरिए यूनेस्को और दुर्गा पूजा समारोहों के नाम पर कई करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताएं की गईं. ‘मास आर्ट सोसाइटी’ सेन की पत्नी मधुछंदा सेन के स्वामित्व वाली एक कॉर्पोरेट संस्था है.
सूत्रों ने आगे बताया कि जांचकर्ताओं को ऐसे संकेत भी मिले हैं कि पूर्व मंत्री ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए यूनेस्को के नाम पर विभिन्न संगठनों से बड़ी रकम निकाली थी.
शहर के एक Police अधिकारी ने कहा, “हमारी जांच टीम इस बड़े वित्तीय घोटाले के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है, जिसमें राशि को इधर-उधर करने के लिए ‘शेल कंपनियों’ का गठन और उनका इस्तेमाल शामिल है.”
Wednesday शाम को गिरफ्तारी के बाद, सेन को मध्य कोलकाता के लालबाजार स्थित कोलकाता Police मुख्यालय ले जाया गया, जहां जांचकर्ताओं ने उनसे पूछताछ की. यह पूछताछ जांच के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों के आधार पर की गई और देर रात तक चलती रही.
Police सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान सेन ने मुश्किल सवालों से बचने की कोशिश की या फिर विरोधाभासी जवाब दिए. ये आरोप अभी चल रही जांच का हिस्सा हैं और इनकी सच्चाई का पता लगाया जाना बाकी है.
कोलकाता Police और Enforcement Directorate (ईडी) यूनेस्को-मान्यता प्राप्त दुर्गा पूजा टूर पास से जुड़े कथित घोटाले की अलग-अलग जांच कर रहे हैं.
जांचकर्ता कथित वित्तीय लेन-देन, इसमें शामिल संगठनों की भूमिका और फंड को इधर-उधर करने के लिए ‘शेल कंपनियों’ के संभावित इस्तेमाल की जांच कर रहे हैं. जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये अनियमितताएं कैसे की गईं और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति या संस्था भी शामिल थी.
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एससीएच/एबीएम


